
बटन मशरूम की खेती आज छोटे किसानों के लिए सबसे लाभकारी
शिवहर में कृषि विज्ञान केंद्र में बटन मशरूम कंपोस्ट बनाने का प्रशिक्षण शिविर महिला किसानों के लिए आयोजित किया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण कम्पोस्ट से न केवल पैदावार बढ़ती है, बल्कि लागत में कमी आती है। बटन मशरूम की खेती छोटे किसानों के लिए लाभकारी और कम जोखिम वाला व्यवसाय बन चुका है।
शिवहर। कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित पांच दिवसीय बटन मशरूम कंपोस्ट बनाने से संबंधित प्रशिक्षण शिविर का समापन मंगलवार को हुआ। जिसमें महिला किसानों ने भाग लिया। समापन सत्र में वैज्ञानिकों द्वारा बताया गया कि देशभर में बटन मशरूम की खेती तेजी से लोकप्रिय हो रही है। क्योकि गुणवत्तापूर्ण कम्पोस्ट खाद का उपयोग करने से किसानों को न केवल अधिक पैदावार मिल रही है, वहीं मिट्टी की सेहत भी सुधर रही है और लागत में भारी कमी आ रही है। यह भी कहा कि बटन मशरूम की खेती आज छोटे किसानों के लिए सबसे लाभकारी एवं कम जोखिम वाला व्यवसाय बन चुका है।
कम्पोस्ट खाद इसका आधार है। कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रधान वैज्ञानिक डा. अनुराधा रंजन कुमारी ने कहा कि गुणवत्ता वाली कम्पोस्ट ही बटन मशरूम की सफल खेती की कुंजी है। प्रशिक्षण के दौरान इसे आय का स्रोत बनाने तथा कृषि अपशिष्ट को कम करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही कहा कि बटन मशरूम कंपोस्ट उनके खेतों में खाद के रूप में पुनः उपयोग योग्य होता है। मशरूम कम्पोस्ट का उपयोग खाद के रूप में किया जा सकता है। जो मिट्टी को कार्बन से समृद्ध करता है और मिट्टी को जल धारण के लिए लचीला बनाता है। कार्यक्रम कृषि विज्ञान केन्द्र के बैज्ञानिक डॉ. एन एम एच इनलिंग, और डॉ. अनुराधा कुमारी रंजन, वरिष्ठ वैज्ञानिक के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान मशरूम स्पॉन और बटन मशरूम किट सामग्री का भी वितरित किया गया।

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