निर्धारित दुकानों से किताब-ड्रेस खरीदने की बाध्यता पर पाबंदी

Apr 08, 2026 11:57 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, सीतामढ़ी
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सीतामढ़ी में निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। डीएम रिची पांडेय ने आदेश दिया है कि स्कूल अब छात्रों को किताबें और यूनिफॉर्म एक विशेष दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकते। आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

निर्धारित दुकानों से किताब-ड्रेस खरीदने की बाध्यता पर पाबंदी

सीतामढ़ी। जिले में निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। किताब व यूनिफार्म के नाम पर लूटने स्कूलों की अब खैर नहीं है। डीएम रिची पांडेय ने आदेश जारी कर कहा है कि अब कोई भी निजी विद्यालय छात्रों या अभिभावकों को यूनिफॉर्म, किताबें, कॉपियां या अन्य सामग्री किसी एक निर्धारित दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। डीएम सह जिला दंडाधिकारी श्री पाण्डेय ने कहा है कि जिले में 759 मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय और 21 सीबीएसई स्कूल संचालित हैं, जिनमें करीब 70 हजार छात्र अध्ययनरत हैं।

हाल के दिनों में अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न स्रोतों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई विद्यालय प्रवेश शुल्क, विकास शुल्क और वार्षिक शुल्क के नाम पर अतिरिक्त वसूली कर रहे हैं।साथ ही किताबें और यूनिफॉर्म तय दुकानों से ही खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। प्रशासन ने इसे शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण का संकेत मानते हुए चिंता जताई है। आदेश में बिहार निजी विद्यालय (शुल्क) अधिनियम, 2019 का हवाला देते हुए कहा गया है कि इस प्रकार की बाध्यता पूरी तरह अवैध है और ऐसे मामलों में दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।डीएम ने सभी निजी विद्यालयों को 13 अप्रैल तक प्रत्येक कक्षा के लिए निर्धारित किताबों और यूनिफॉर्म की सूची मूल्य सहित अपनी वेबसाइट पर अपलोड करने और विद्यालय परिसर में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है।साथ ही यूनिफॉर्म में अनावश्यक बदलाव नहीं करने की भी हिदायत दी गई है। इसके अलावा विद्यालयों को छात्रों को बड़े भाई-बहनों की पुरानी किताबों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने, स्कूल वाहनों में सीसीटीवी व मेडिकल किट जैसी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा केवल पीले रंग के वाहनों का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है। आरटीई के तहत नामांकित कमजोर वर्ग के बच्चों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करने को भी कहा गया है। आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी व पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश जारी किया गया हैं। डीएम ने स्पष्ट किया कि यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है और तत्काल प्रभाव से लागू होगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

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