विभाग उदासीन, नाले का निर्माण फंसा

Newswrap हिन्दुस्तान, सीतामढ़ी
share

सीतामढ़ी में स्टॉर्म ड्रेनेज सिस्टम की योजना एक साल से रुकी हुई है, जिससे जलजमाव की समस्या बढ़ रही है। पथ निर्माण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण कार्य ठप है। निगम प्रशासन और बुडको...

विभाग उदासीन, नाले का निर्माण फंसा

सीतामढ़ी, सीतामढ़ी प्रतिनिधि। पथ निर्माण विभाग की उदासीनता के कारण शहर की महत्वकांक्षी योजना स्टॉर्म ड्रेनेज सिस्टम फंसता जा रहा है। इसका निर्माण डेढ़ साल पूर्व बरसात में ही शुरू होते देख लोग उम्मीद कर रहे थे कि अब आगली बरसात में समस्या नहीं होगी। लेकिन, धरातल पर कार्यों की स्थिति देखकर अब लोग भी कहने लगे हैं कि सरकारी कार्य लंबा खिंचेगा। मालूम हो कि कोट बाजार समेत रिंग बांध के निचले इलाकों में सालोभर सड़कों पर जलजमाव की समस्या बनी रहती है। इसके निदान के लिए राज्य सरकार ने 104 करोड़ रुपए की लागत से स्टॉम ड्रेनेज सिस्टम योजना लायी। पूरे शहर की नालों का कनेक्शन कर एकरूपता के साथ पानी का निकासी संभव हो पाता। जिसकी स्वीकृति राज्य मंत्रीमंडल से मिलने के बाद डेढ़ वर्ष पूर्व ही टेंडर समेत सभी प्रक्रिया पूरी कर बरसात में ही कार्य बुडको द्वारा आरंभ कर दिया गया। जिसके तहत कई मोहल्लों में एजेंसी द्वारा आरसीसी नालों को निर्माण किया गया है। लेकिन कार्य की रफ्तार देखकर प्रतीत होता है कि अगले 2-3 वर्षों में भी प्राक्कलित योजना का क्रियान्वयन हो जाए तो काफी जल्दी माना जाएगा।

एनएच पर बड़े नाले के निर्माण की आवश्कता : योजना में शहर के मोहल्लों के नालों की जलनिकासी को लेकर मुख्य सड़क एनएच पर बड़े नाले के निर्माण की आवश्यकता है। सड़क किनारे नाला निर्माण के लिए पथ निर्माण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र की आवश्कता है। हालांकि कार्य शुरू होते ही बुडको के परियोजना निदेशक ने पथ निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता, अधिक्षण अभियंता एवं कार्यपालक अभियंता को आनपत्ति प्रमाण पत्र के लिए पत्र लिखकर कार्य शुरू कर दिया। लेकिन जैसे ही एजेंसी ने कार्य शुरू की कि पथ निर्माण विभाग के अभियंताओं द्वारा कार्य को रोक दिया। इसके बाद निगम से लेकर जिला प्रशासन व बुडको अधिकारियों द्वारा पथ निर्माण विभाग को पत्र लिखकर स्मारित किया जा रहा है। लेकिन पथ निर्माण विभाग के कारण स्टॉम वाटर ड्रेनेज सिस्टम का कार्य बीते एक वर्ष से ठप है।

बुडको के उप परियोजना निदेशक जितेन्द्र कुमार ने बताया पथ निर्माण विभाग के द्वारा कार्य रोके एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दिए जाने के कारण कार्य ठप है। इसके लिए नियमानुसार पथ निर्माण विभाग से एनओसी की आवश्कता है।

गत वर्ष बरसात के समय कोट बाजार, रिंग बांध का निचला इलाका, गोशाला, आदर्शनगर, रघुनाथपुरी, मुरलिया चक आदि मोहल्लों में भारी जलजमाव हो गया था। स्टॉम वाटर ड्रेनेज सिस्टम का कार्य जल्द होना जरूरी है अन्यथा समस्या और बढ़ेगी।

-निरंजन प्रसाद चंदन

कोट बाजार समेत रिंग बांध के नीचले इलाकों के पानी निकासी के लिए सालोभर निगम बड़े पंप सेट लगाकर पानी निकासी कर रही है। बरसात शुरु होते ही समस्या बढ़ जाती है। पानी निकालने से बाहरी घरों में पानी जमने लगाता है। इस कारण यह कार्य जल्द पूरा हो। -संतोष कुमार

बरसात से पूर्व शहर के निचले इलाकों के पानी निकासी का उपाय होना चाहिए। कम से कम मधुबन से चकमहिला व गोशाला चौक तक बड़े नाले का निर्माण हो जाना चाहिए। जिससे शहर की जलजमाव की समस्या दूर हो सकेगी।

-अशोक कुमार

स्टॉम वाटर ड्रेनेज सिस्टम शहर की जलजमाव की समस्या से मुक्ति के लिए महत्वकांक्षी योजना है। इसके युद्ध स्तर पर क्रियान्वयन के लिए निगम प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन को भी लगातार मॉनेटरिंग कर योजना का क्रियान्वयन करानी चाहिए।

-पंकज कुमार

शहर में संचालित स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम योजना जल्द से जल्द युद्ध स्तर पर क्रियान्वित हो, इसके लिए जिले की सभी बैठकों में यह मामला उठाया जाता है। बुडको द्वारा एनओसी की समस्या बताए जाने के बाद नगर निगम की ओर से भी पथ निर्माण विभाग को एनओसी के लिए पत्र लिखा गया है। जल्द एनओसी नहीं मिलने पर पथ निर्माण विभाग को पत्र लिखा जाएगा।

-प्रमोद कुमार पाण्डेय, नगर आयुक्त नगर निगम सीतामढ़ी।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।