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तेज पछिया हवा ने धूप को किया बेअसर

तेज पछिया हवा ने धूप को किया बेअसर

संक्षेप:

सीतामढ़ी में ठंड और शीतलहर ने जनजीवन को प्रभावित किया है। तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है और अगले दिनों में और गिरावट की संभावना है। ठंड ने लोगों को घरों में कैद कर दिया है और बाजारों में भी ग्राहकों की संख्या में कमी आई है। पशुओं की हालत भी खराब हो गई है।

Jan 09, 2026 12:07 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, सीतामढ़ी
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सीतामढ़ी। जिले में ठंड और शीतलहर ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। ठंडी हवा की वजह से कपकपी रही। तापमान लगातार गिरते हुए 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं अगले एक-दो दिन में एक से दो डिग्री गिरावट की संभावना जतायी गयी है। कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय व प्रधान वैज्ञानिक डॉ. राम ईश्वर प्रसाद के अनुसार गुरुवार को जिले का अधिकतम औसत तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं करीब 7 किमी की रफ्तार से ठंडी हवा चली। हालांकि दोपहर में हल्की धूप निकली, लेकिन पछिया हवा की वजह से धूप में वैसी गर्मी नहीं रही।

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ठंड ने घरों में लोग कैद होने पर मजबूर कर दिया है। सुबह और शाम सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। ठंड की इस मार ने इंसानों के साथ-साथ पशु और पक्षियों की मुश्किलें भी कई गुना बढ़ा दी हैं। ठंड और शीतलहर का असर रोजमर्रा की रफ्तार पर भी साफ दिख रहा है। दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों की परेशानी बढ़ गई है। बाजारों में ग्राहकों की संख्या घट गई है। जिससे छोटे दुकानदारों की आमदनी प्रभावित हो रही है। शीतलहर ने पशुओं की हालत भी खराब कर दी है। खुले में बंधे मवेशी ठंड से कांपते नजर आ रहे हैं। पशुपालकों के अनुसार ठंड बढ़ने से पशुओं में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। सर्दी लगने से दुग्ध उत्पादन में गिरावट आई है। जिससे पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। पशु चिकित्सकों का कहना है कि ठंड में समय पर इलाज और गर्म स्थान की व्यवस्था नहीं होने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है। फुटपाथ और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों के लिए यह ठंड किसी आपदा से कम नहीं है। अस्पतालों में सर्दी-खांसी, बुखार, निमोनिया और सांस संबंधी रोगों के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों में ठंड से जान का खतरा भी बना हुआ है।