एमडीएम जांच में आधा दर्जन स्कूलों में मिली गड़बड़ी
सीतामढ़ी जिले के कई मिडिल स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। डीपीओ मनीष कुमार सिंह ने प्रधानाध्यापकों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। निरीक्षण में छात्र उपस्थिति और खाद्यान्न स्टॉक में गड़बड़ियां सामने आई हैं। कई स्कूलों में प्रधानाध्यापक अनुपस्थित पाए गए।

सीतामढ़ी।जिले के सोनबरसा व बैरगनिया प्रखंड के कई मिडिल स्कूलों की जांच में मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम) संचालन व्यवस्था में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। मामले में स्थापना-सह-एमडीएम डीपीओ मनीष कुमार सिंह ने संबंधित स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने कहा है कि एमडीएम के जिला समन्वयक द्वारा किए गए निरीक्षण में कई स्कूलों में छात्र उपस्थिति, पोषाहार पंजी व खाद्यान्न स्टॉक में भारी गड़बड़ी पाई गई।
स्कूलों की स्थिति
सोनबरसा प्रखंड के मवि सरवरपुर में नामांकित 241 बच्चों के मुकाबले पंजी में 153 छात्र उपस्थित दिखाए गए, जबकि मौके पर केवल 150 बच्चे मिले। स्कूल में पोषाहार पंजी नहीं मिला तथा प्रधानाध्यापक बिना सूचना अनुपस्थित पाए गए। शिक्षकों ने बताया कि प्रधानाध्यापक सप्ताह में केवल एक-दो दिन ही विद्यालय आते हैं। इसी तरह मवि मरपा कचोर में स्थिति और गंभीर मिली। यहां 726 नामांकित छात्रों के विरुद्ध पंजी में 466 उपस्थिति दर्ज थी, लेकिन निरीक्षण के समय मात्र 158 बच्चे मौजूद मिले। पोषाहार पंजी भी नहीं मिला। वहीं ई-शिक्षाकोष में पिछले छह दिनों की औसत उपस्थिति 567 दर्ज पाई गई। इसी तरह डीपीओ ने कहा है कि बैरगनिया के मवि पचटकी यदू में 692 नामांकित छात्रों में 563 उपस्थिति दर्ज थी, जबकि मौके पर 367 बच्चे ही मिले। निरीक्षण के दौरान छात्र उपस्थिति पंजी में बिंदु लगाकर खानापूर्ति करने की बात भी सामने आई।
अन्य स्कूलों की जानकारी
मवि पचटकी राम में 563 नामांकित बच्चों के मुकाबले केवल 118 बच्चे उपस्थित मिले। प्रधानाध्यापक स्कूल में नहीं थे। तीन शिक्षकों की उपस्थिति भी दर्ज नहीं पाई गई। यहां ई-शिक्षाकोष में एमडीएम लाभांवित छात्रों की संख्या नियमित रूप से अपलोड नहीं करने की बात सामने आई। वहीं मवि बैरगनिया कन्या में खाद्यान्न स्टॉक में बड़ा अंतर मिला। पोषाहार पंजी के अनुसार 552.700 किलोग्राम खाद्यान्न दर्ज था, जबकि भौतिक सत्यापन में 750 किलोग्राम खाद्यान्न पाया गया। यानी करीब 193 किलोग्राम अतिरिक्त खाद्यान्न मिला। इसके अलावा कई वर्गों की उपस्थिति दर्ज नहीं थी और छात्र उपस्थिति पंजी प्रमाणित भी नहीं पाया गया। डीपीओ श्री सिंह ने सभी संबंधित प्रधानाध्यापकों को छात्र उपस्थिति पंजी, पोषाहार पंजी, चखना पंजी, गुणवत्ता प्रमाण पत्र और लाभांवित छात्रों का प्रमाण पत्र स्व-अभिप्रमाणित प्रति के साथ 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। जवाब नहीं देने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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