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जिले के डिफॉल्टर पैक्स पर होगी सख्त कार्रवाई : डीएम

जिले के डिफॉल्टर पैक्स पर होगी सख्त कार्रवाई : डीएम

संक्षेप:

सीतामढ़ी में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान अधिप्राप्ति कार्य की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। डीएम रिची पांडेय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी चयनित पैक्स सक्रिय हों और किसानों को समय पर धान क्रय सुनिश्चित हो। छोटे किसानों को प्राथमिकता देने की बात कही गई। बिचौलियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान किया गया।

Sat, 29 Nov 2025 06:07 PMNewswrap हिन्दुस्तान, सीतामढ़ी
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सीतामढ़ी। समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान अधिप्राप्ति कार्य की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित हुई। अध्यक्षता डीएम रिची पांडेय ने किया। बैठक में डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जिले के सभी चयनित पैक्स को तत्काल सक्रिय किया जाए। साथ ही किसानों से समय पर धान क्रय सुनिश्चित हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह अभियान किसानों को केंद्र में रखकर चलाया जा रहा है। जिसमें किसी भी अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डिफॉल्टर पैक्स पर वसूली, कुर्की-जब्ती की कार्रवाई : डीएम ने पूर्व में लापरवाही बरतने वाले डिफॉल्टर पैक्स पर कड़ी कार्रवाई का ऐलान किया।

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जिन पैक्स ने डिफॉल्ट किया है। उनके खिलाफ अविलंब वसूली, वारंट जारी करने तथा संपत्ति कुर्की-जब्ती की प्रक्रिया प्रारंभ करने के आदेश दिए। हर पैक्स की टैगिंग निकटतम पंचायत से जोड़ी जाए। जिससे किसानों को अपने गांव के आसपास ही धान बेचने की सुविधा मिल सके। जिला सहकारिता पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि सभी पैक्स शीघ्र सक्रिय हों। अन्यथा प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई होगी। छोटे-सीमांत किसानों को सर्वोच्च प्राथमिकता, भुगतान में कोई ढिलाई नहीं : बैठक में डीएम ने छोटे, लघु एवं सीमांत किसानों को धान अधिप्राप्ति में सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उनका भुगतान निश्चित समयसीमा के भीतर हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। बिचौलियों की भूमिका पर सख्ती दिखाते हुए कहा कि धान क्रय-विक्रय प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर बिचौलिया प्रथा पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगी। यदि कहीं बिचौलियों की संलिप्तता पाई गई, तो तत्काल कठोर कार्रवाई होगी। इस समीक्षा से जिले में धान खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता व गति आएगी। बिहार में धान अधिप्राप्ति नवंबर से सक्रिय है। जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों को लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। डीएम का यह रुख स्थानीय किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम है।