
व्यावसायिक खेती को नई दिशा देने की जरूरत : डीएम
सीतामढ़ी में आत्मा की बैठक में डीएम रिची पांडेय ने व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को हाई वैल्यू क्रॉप्स जैसे फल और सब्जियों की खेती के लिए प्रेरित किया, जिससे...
सीतामढ़ी। समाहरणालय के विमर्श सभा कक्ष में आत्मा (कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण) शासी परिषद की बैठक हुई। अध्यक्षता डीएम रिची पांडेय ने किया। जिसमें वित्तीय वर्ष के लिए कार्य योजना का अनुमोदन किया गया। वहीं आगामी कृषि गतिविधियों पर चर्चा की गई। जिला कृषि पदाधिकारी शांतनु कुमार ने आत्मा योजनांतर्गत परिभ्रमण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम, किसान गोष्ठी, किसान पाठशाला एवं अन्य योजनाओं की जानकारी दिया। डीएम ने कहा कि जिले में कृषि को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखकर इसे व्यावसायिक खेती के रूप में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। निर्देश दिया कि किसान भाई-बहनों को हाई वैल्यू क्रॉप्स जैसे फल, सब्जी, फूल, औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती की ओर प्रेरित किया जाए।

इससे न केवल किसानों की आमदनी बढ़ेगी बल्कि जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। डीएम ने कहा कि इसके लिए कृषि विभाग, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी तथा उद्योग विभागों के बीच आपसी समन्वय अत्यंत आवश्यक है। समन्वित प्रयासों से किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, बाजार उपलब्धता और प्रसंस्करण की सुविधा सुनिश्चित कराई जा सकती है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों के लिए आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण, फील्ड विज़िट और नवाचारों को बढ़ावा दिया जाए। जिससे उत्पादन में गुणात्मक सुधार हो। व्यवसायिक खेती से आय में होगी वृद्धि : डीएम ने कहा कि जिले में व्यावसायिक खेती को नई दिशा देने की जरूरत है। पारंपरिक फसलों के साथ-साथ यदि हम फल, सब्जी, फूल, मसाले और औषधीय पौधों की खेती पर विशेष ध्यान देंगे तो किसान अधिक लाभ कमा सकेंगे। बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें। प्रत्येक प्रखंड से कुछेक गांवों को मॉडल बनाकर वहां आधुनिक खेती के सफल प्रयोग कराएं, ताकि दूसरे किसान भी उससे प्रेरित होकर अपनाएं। आत्मा जैसी योजनाएं तभी सार्थक होंगी जब किसानों की आय में वास्तविक वृद्धि होगी। कहा कि जिले के किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए प्रेरित करना विभागीय अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। साथ ही, किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी समय पर मिले और उसका लाभ वह आसानी से प्राप्त कर सकें। इस दिशा में गंभीर प्रयास होना चाहिए। बैठक में डीपीआरओ कमल सिंह, अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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