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लोग भूल नहीं पाते मौत का वो खौफनाक मंजर

थलही गांव के लोग आज भी मौत के उस खौफनाक मंजर को नही भूल पा रहे हैं। मौत के उस मंजर को सामने आते ही लोग आज भी कांप उठते है। अरुण कुमार, मोहित सदा, विंदेश्वर राम ने बताया कि करीब 15 वर्ष पहले गांव में कालाजार से 40 से अधिक लोग मारे गए। गुलशन खातून बताती है कि करीब 10 वर्ष पहले मेरी बेटी और बेटा को भी कालाजार हो गया था। निरंजन सदा ने बताया कि मेरे भतीजा और भतीजी को काफी इलाज और पैसा खर्च करने के वावजूद भी नही बचाया जा सका। रामचंद्र सदा ने बताया कि उसके बेटे की मौत भी कालाजार की वजह से हो गयी।

ऐसी स्थिति के बावजूद आज भी यहां पर मेडिकल टीम अबतक नहीं पहुंची है। जांच के साथ ही यहां छिड़काव भी नहीं हो पा रहा है। बाढ़ की वजह से यहां की स्थिति और भयावह हो गयी।

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  • Web Title:People do not forget that dreadful scene of death