नेपाल चुनाव को लेकर जमीन से लेकर आसमान तक निगहबानी
नेपाल में 5 मार्च को आम चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए हैं। 3 लाख 38 हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, जिसमें 80 हजार नेपाली सेना के जवान शामिल हैं। चुनाव के दौरान भारत-नेपाल सीमा को सील किया जाएगा और केवल इमरजेंसी वाहनों को अनुमति दी जाएगी।

परिहार। पड़ोसी राष्ट्र नेपाल में पांच मार्च को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से आम चुनाव (प्रतिनिधि सभा) संपन्न कराने को लेकर निर्वाचन आयोग नेपाल ने पूरी तैयारियां कर ली है। निर्वाचन आयोग ने चुनाव से पहले, चुनाव के दौरान और चुनाव के बाद तीन चरणों में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए है। ताकि चुनाव के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी की समस्याएं सामने न आए। नेपाल के सभी 77 जिलों में कुल 3 लाख 38 हजार सुरक्षाकर्मियों को चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है। इसमें 80 हजार नेपाली सेना के जवान को तैनात किए गए है। देश के चुनावी इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की प्रतिनियुक्ति की गई है।
चुनाव में नेपाली सेना का विशेष योगदान देखा जा रहा है। नेपाली सेना प्रमुख राजाराम बसनेट से मिली जानकारी के अनुसार, चुनाव संबंधी प्रशिक्षण और संयुक्त अभ्यास आयोजित करके आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई है। एकीकृत सुरक्षा योजना के तहत चुनाव के दौरान सेना मतदान केंद्रों और मतगणना स्थलों पर सुरक्षा कार्य से लेकर हवाई गश्ती व संदिग्ध वस्तुओं को निष्क्रिय करेगी। उन्होंने बताया कि मतदान के दिन सभी मतदान केंद्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी और चुनाव के बाद मतपेटियों को एकत्र करने और मतगणना स्थलों तक ले जाने के दौरान एकीकृत टीमें सुरक्षा प्रदान करेगी। चुनाव के मद्देनजर कुल 10 हजार 957 मतदान केंद्रों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इसमें से 3680 अतिसंवेदनशील, 4442 संवेदनशील व 2845 सामान्य मतदान केंद्र के रूप में चयनित किया गया है। चुनाव में 1 करोड़ 89 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करके प्रतिनिधि सभा के 275 सदस्यों के भाग्य का फैसला करेंगे। विदेशी व भारतीय वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी : चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से नेपाल से लेकर भारत तक के सीमावर्ती इलाकों के सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है। चुनाव के मद्देनजर दो मार्च की रात्रि से लेकर पांच मार्च की रात्रि तक इंडो-नेपाल सीमा को सील रखा जाएगा। इस दौरान सामान्य आवागमन पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। केवल इमरजेंसी वाहनों का ही परिचालन होगा। वहीं सर्लाही जिला प्रशासन ने पांच मार्च तक भारतीय व विदेश वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इससे लोगों को बॉर्डर से ही लौटना पड़ रहा है। केवल इमरजेंसी वाहनों को ही सरहद के पार जाने का परमिशन दी जा रही है। सर्लाही जिला प्रशासन कहना है कि चुनाव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। ताकि चुनाव में अवैध गतिविधि का मामला न आए। सेना के जवान, नेपाली पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल (नेपाली एपीएफ), ट्रैफिक व म्यादी पुलिस द्वारा नेपाल के विभिन्न हिस्सों में साझा पेट्रोलिंग कर लोगों को भयमुक्त होकर मतदान करने की अपील की जा रही है। बयान:: शांतिपूर्ण व निष्पक्ष तरीके से चुनाव संपन्न कराने को लेकर सर्लाही जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है। बाहरी गतिविधियों पर नियंत्रण रखने को लेकर पांच मार्च तक भारतीय वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। दो मार्च की रात्रि से लेकर पांच मार्च की रात्रि तक सीमा के दोनों तरफ बॉर्डर को सील किया जाएगा। इस दौरान केवल इमरजेंसी वाहनों का ही परिचालन होगा। अन्य किसी भी तरह की आवाजाही पर पूर्णतः पाबंदी रहेगी। - रामूराज कदरिया, सीडीओ, सर्लाही, नेपाल
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