वाेटरों को निर्भीक होकर मतदान करने के लिए प्रेरित कर रही सेना
नेपाल में 5 मार्च को प्रतिनिधि सभा चुनाव होने जा रहे हैं। इसको लेकर सेना ने गश्ती बढ़ा दी है और मतदाताओं को भयमुक्त होकर मतदान करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। भारत-नेपाल सीमा पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बैरगनिया। नेपाल में आगामी 5 मार्च को होने वाले प्रतिनिधि सभा चुनाव के मद्देनजर सेना के जवान सघन गश्ती करने के साथ ही मतदाताओं को निर्भीक होकर मतदान करने के प्रति जागरूक कर रहे है। रौतहट प्रशासन ने रविवार की अहले सुबह से ही बॉर्डर क्षेत्र में बाइक सहित सभी तरह के वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी है। नारायण दल गण का गणपति (कर्नल) विश्वास विष्ट के अनुसार सेना के जवान शांति, भयमुक्त वातावरण में चुनाव को सम्पन्न कराने के प्रति सजग है। संवेदनशील क्षेत्रों पर जवान की पैनी नजर है। पुलिस, सशस्त्र पुलिस के जवान में लगातार फ्लैग मार्च कर मतदाताओं में व्याप्त डर व भय के माहौल को दूर करने में जुटे हुए है।
प्रशासन, पुलिस सभी मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण मतदान कराने के प्रति कटिबद्ध है। चुनाव की तिथि नजदीक होने पर नेपाली सेना का विशेष टीम गौर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में एक अभियान के तहत गश्ती, फ्लैग मार्च कर रही है। जिला प्रशासन ने 2 मार्च की रात 10 बजे से इंडो-नेपाल बॉर्डर को 5 मार्च की देर रात तक के लिए सील करने के आदेश दिए थे। लेकिन रविवार की सुबह से बाइक सहित सभी वाहनों के नेपाल प्रवेश पर रोक लगा दिया। इसके कारण शादी के इस मौसम में कई दूल्हे व बरातियों को बॉर्डर को पैदल चलकर नेपाल में प्रवेश करना पड़ा है। वहीं होली पर्व को लेकर ऑटो, बाइक से गौर सहित रौतहट के विभिन्न क्षेत्रों से बैरगनिया खरीदारी करने आने वाले लोगों की परेशानी काफी बढ़ गयी है। बहरहाल ऑटो व बाइक पर प्रतिबंध से जनमानस तंग-तबाह है। नेपाल चुनाव में भारतीय सीमा क्षेत्र की सक्रियता, सुरसंड-भिठ्ठामोड़ में बढ़ी हलचल : सुरसंड, एक संवाददाता। पड़ोसी राष्ट्र नेपाल में आगामी 5 मार्च को प्रतिनिधि सभा का चुनाव प्रस्तावित है। चुनाव की तिथि नजदीक आते ही भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाकों में भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। खासकर सुरसंड, भिठ्ठामोड़ और परिहार जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में चुनाव को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सीमा के दोनों ओर वर्षों से रोटी-बेटी का संबंध रहा है। बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जिनके रिश्तेदार नेपाल के धनुषा, महोत्तरी और सर्लाही जिलों में रहते हैं। इन क्षेत्रों के कई प्रत्याशी या तो भारतीय सीमा क्षेत्र से जुड़े परिवारों से संबंध रखते हैं या उनके करीबी रिश्तेदार भारतीय क्षेत्र में निवास करते हैं। ऐसे में भारतीय क्षेत्र के कुछ लोग भी अपने संबंधियों के समर्थन में नेपाल जाकर चुनाव प्रचार में सहयोग कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, भारतीय बाजारों में स्थित कुछ प्रिंटिंग प्रेसों में नेपाल के उम्मीदवारों के समर्थन में पंपलेट, पोस्टर और प्रचार सामग्री छपने की चर्चा है। लेकिन सीमावर्ती बाजारों में नेपाली भाषा में छपे पोस्टर और बैनर देखे जाने की बात सामने आ रही है। इसके अलावा भारतीय क्षेत्र के वाहनों का भी उपयोग नेपाल के चुनाव प्रचार में किया जा रहा है। अपने वाहनों को भाड़े पर चलाने वाले वाहन मालिक अपने चारपहिया वाहनों का भंसार (कस्टम शुल्क) कटाकर चुनाव प्रचार में लगे हुये हैं। भारत-नेपाल के बीच खुली सीमा होने के कारण आवागमन आसान है। जिससे चुनावी गतिविधियों का असर सीमावर्ती भारतीय बाजारों पर भी दिख रहा है। स्थानीय होटल, वाहन संचालक और छोटे व्यापारियों को अतिरिक्त व्यवसाय मिलने की उम्मीद है। वहीं सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हैं ताकि किसी प्रकार की अवैध गतिविधि या चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन की स्थिति उत्पन्न न हो।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।



