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नगर पंचायत का मिला दर्जा, पर नही हो सकी कार्यपालक पदाधिकारी स्थायी नियुक्ति

सुरसंड को नगर पंचायत के रूप में करीब तीन साल पहले दर्जा मिला। आठ माह पहले नगर पंचायत के लिए चुनाव हुआ। उसके बाद कार्यपालक पदाधिकारी का पदस्थापना किया गया। लेकिन भवन के अभाव में ईओ ने अपना तबादला करा लिया। लेकिन उसके बाद से कार्यपालक पदाधिकारी का पद प्रभार में ही चल रहा है। जिससे नगर पंचायत का कार्य बाधित है। भवन निर्माण सहित अन्य योजना मद में रुपया पड़ा है। लेकिन उसका उपयोग नहीं हो रहा है। इससे नगर पंचायत बनने के बाद भी सुरसंडवासियों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।

सुरसंड नगर पंचायत क्षेत्र के 19 वार्डों है। यहां के के लोगों का सभी आवश्यक कार्य भी अटका पड़ा है। जबकि नगर पंचायत बनने के बाद सुविधा में बढोत्तरी के लिए सभी की आश जगी थी। नगर पंचायत क्षेत्र का अधिसूचना जारी हुए लगभग तीन वर्ष बीत गए। वहीं चुनाव के सात माह के पश्चात भी कार्यपालक पदाधिकारी की स्थायी नियुक्ति अभी तक नहीं हो सकी है। पिछले सात माह में चार कार्यपालक पदाधिकारी की नियुक्ति की गई। इसमें सबसे पहले नगर विकास विभाग की ओर से रेणू सिन्हा को कार्यपालक पदाधिकारी बनाया गया। उस समय तक नगर पंचायत को न तो कार्यालय और न ही कर्मी की व्यवस्था विभाग की ओर से की गई थी। लिहाजा श्रीमति सिन्हा ने अपना स्थानांतरण अन्यत्र करवा लिया। उसके बाद बीडीओ मो.युनूस सलीम, कार्यपालक पदाधिकारी पुपरी मोहन पांडे को प्रभार सौंपा गया। उनके अपने मूल विभाग में जाने पर पुनः नगर पंचायत सुरसंड पदाधिकारी विहिन हो गया। अभी नगर विकास विभाग द्वारा निशांत गौरव को कार्यपालक पदाधिकारी बनाने की सूचना है। जो अभी तक नगर पंचायत कार्यालय में योगदान नहीं दे सके हैं।

खाते में पड़े है करोड़ रुपये : कार्यपालक पदाधिकारी के नहीं रहने के कारण नगर पंचायत के विकास के विभिन्न मदों के लिये आये लगभग एक करोड़ रुपया का उपयोग नहीं हो पा रहा है। मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना का काम, जन्म-मृत्यु निबंधन, साफ-सफाई, क्षतिग्रस्त नाली एवं सड़क को दुरुस्त करने सहित सभी विकास कार्य भी ठप पड़ा हुआ है। विकास मद में लगभग एक करोड़ रुपया रहने के बावजूद लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। कार्यपालक पदाधिकारी के नहीं होने से परेशानी हो रही है। जल्द ही कार्यपालक पदाधिकारी के योगदान देने के साथ ही समस्याओं के निराकरण कर दिया जाएगा। -ओमप्रकाश झा राजू, चेयरमैन नगर पंचायत सुरसंड।

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  • Web Title:Nagar Panchayat gets mixed status but can not get executive officer permanent appointment