राजस्व वसूली में ढिलाई, निगम ने एजेंसी को लगाई फटकार

Feb 12, 2026 12:16 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, सीतामढ़ी
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सीतामढ़ी नगर निगम ने संपत्ति कर (होल्डिंग टैक्स) की धीमी वसूली को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 14,400 हाउसहोल्ड से 5 करोड़ 38 लाख रुपये का राजस्व संग्रहण हुआ था, जबकि 2025-26 के लिए 7 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया। निगम ने वसूली में सुधार लाने के लिए एजेंसी को निर्देशित किया है।

राजस्व वसूली में ढिलाई, निगम ने एजेंसी को लगाई फटकार

सीतामढ़ी। नगर निगम क्षेत्र में संपत्ति कर (होल्डिंग टैक्स) वसूली की सुस्त रफ्तार पर निगम प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कम राजस्व संग्रहण और बढ़ती जनशिकायतों के बीच नगर निगम ने कर वसूली कर रही कार्य एजेंसी को फटकार लगाई है। नगर आयुक्त डॉ. गजेंद्र प्रसाद सिंह ने स्पष्ट किया है कि लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं होने पर जवाबदेही तय की जाएगी। नगर निगम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में 14,400 हाउसहोल्ड से 5 करोड़ 38 लाख रुपये का राजस्व संग्रहण हुआ था। इसी आधार पर वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 7 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया।

लेकिन हालिया सर्वे में नगर निगम क्षेत्र में कुल 38,250 हाउसहोल्ड सामने आए हैं। इसके बावजूद अब तक मात्र 12,731 हाउसहोल्ड से लगभग 4 करोड़ 25 लाख रुपये की ही वसूली हो सकी है। फरवरी माह के 10 दिन बीतने के बाद भी वसूली की धीमी रफ्तार को लेकर प्रशासन ने चिंता जताई है। निगम प्रशासन का मानना है कि जब वास्तविक हाउसहोल्ड की संख्या पूर्व अनुमान से कहीं अधिक है, तो राजस्व लक्ष्य भी उसी अनुपात में बढ़ाया जाना चाहिए था और संग्रहण की गति भी तेज होनी चाहिए थी। इसके विपरीत एजेंसी अपेक्षित प्रगति नहीं दिखा सकी। कई वार्डों से कर निर्धारण में गड़बड़ी, नोटिस वितरण में देरी और फील्ड स्तर पर समुचित संवाद नहीं होने की शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त ने एजेंसी को कार्यप्रणाली में सुधार लाने और नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अनुबंध की शर्तों पूरी नहीं होने पर होगी कार्रवाई: नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा संपत्ति कर निर्धारण, संग्रहण और वसूली को लेकर स्पष्ट प्रावधान जारी किए गए हैं। विभाग ने कर आधार बढ़ाने के लिए सर्वे, यूनिक होल्डिंग नंबर, पारदर्शी आकलन और समयबद्ध वसूली पर जोर दिया है। साथ ही बकाया वसूली के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश भी दिया गया है। निगम प्रशासन ने संकेत दिया है कि यदि एजेंसी लक्ष्य से लगातार पीछे रही तो अनुबंध की शर्तों के तहत आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।

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