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सीतामढ़ी

आज खुलेगा माता दुर्गा का नेत्रपट

हिन्दुस्तान टीम,सीतामढ़ीPublished By: Newswrap
Mon, 11 Oct 2021 11:50 PM
नवरात्रि के पांचवें दिन सोमवार को स्कंदमाता व छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा श्रद्धा के साथ की गई। वहीं बेल न्योतन को लेकर शहर से गांव तक कुंवारी...
1 / 2नवरात्रि के पांचवें दिन सोमवार को स्कंदमाता व छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा श्रद्धा के साथ की गई। वहीं बेल न्योतन को लेकर शहर से गांव तक कुंवारी...
नवरात्रि के पांचवें दिन सोमवार को स्कंदमाता व छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा श्रद्धा के साथ की गई। वहीं बेल न्योतन को लेकर शहर से गांव तक कुंवारी...
2 / 2नवरात्रि के पांचवें दिन सोमवार को स्कंदमाता व छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा श्रद्धा के साथ की गई। वहीं बेल न्योतन को लेकर शहर से गांव तक कुंवारी...

सीतामढ़ी | हिन्दुस्तान संवाददाता

नवरात्रि के पांचवें दिन सोमवार को स्कंदमाता व छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा श्रद्धा के साथ की गई। वहीं बेल न्योतन को लेकर शहर से गांव तक कुंवारी कन्याओं द्वारा कलश शोभायात्रा निकाली गई। मंगलवार को मां का नेत्रपट खुल जाएगा। विभिन्न जगहों पर निकाली गई शोभायात्रा में हजारों कन्याओं ने भाग लिया। उधर, बोखड़ा प्रखंड क्षेत्र के बनौल में जय मां दुर्गा पूजा समिति की ओर से नवरात्र के छठे दिन 1151 कुंवारी कुंवारी कन्याओं ने कलश शोभायात्रा निकाली। कलश यात्रा दुर्गा स्थान से चलकर महदेई पोखड़ पहुंची। फिर रामघाट से कलश में जल लेकर महारानी स्थान से ब्रह्मस्थान से पहुंची।

मां के दोनों स्वरूपों की हुई पूजा

लोगों ने मंदिरों के अलावा घरों में माता रानी के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता व छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा विधिपूर्वक की। पूजा से पूर्व भक्तों ने गंगाजल छिड़ककर मां से आगमन की प्रार्थना की। फिर धूप, दीप, पंचमेवा रख अगरबती जलाई। तब मां स्कंदमाता व मां कात्यायनी का ध्यान करते हुए उनके मंत्रों का जाप किया। इसके बाद दुर्गा सप्तशती व दुर्गा चालीसा पढ़ा। बाद में मां की आरती कर भोग लगाया।

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