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शिक्षक-कर्मियों के आधे से अधिक पद हैं खाली

जिले के नामी-गिरामी एसआरके गोयनका कॉलेज समेत सभी पांच अंगीभूत कॉलेजों में शिक्षक-कर्मियों का स्वीकृत पदों में आधे से अधिक पद खाली पड़ा है। हालात...

शिक्षक-कर्मियों के आधे से अधिक पद  हैं  खाली
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,सीतामढ़ीSun, 22 Jan 2023 01:21 AM
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जिले के नामी-गिरामी एसआरके गोयनका कॉलेज समेत सभी पांच अंगीभूत कॉलेजों में शिक्षक-कर्मियों का स्वीकृत पदों में आधे से अधिक पद खाली पड़ा है। हालात यह कि कई विषयों में बगैर शिक्षक के ही आनर्स की पढ़ाई की खानापूर्ति की जाती है। ऐसे में शिक्षकों के कमी का खामियाजा जहां छात्र-छात्राओं को भुगताना पड़ रहा है, वहीं कॉलेज को नैक मूल्यांकन में ग्रेडिंग प्राप्त करने के प्रयास के मंसूबे पर पानी फिर जा रहा है।

कॉलेजों में विश्वविद्यालय द्वारा कुछ विषयों में अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था की गई जरुरत है, लेकिन जरुरत के हिसाब से यह पर्याप्त नहीं है। इसी तरह अंगीभूत कॉलेजों में शिक्षकेत्तर कर्मियों का भी बड़े पैमाने पर पद वर्षो से रिक्त है। इसके कारण कई कॉलेजों में आउट सोसिंग से रखे गये कर्मियों के सहार जैसे तैसे कार्यालय का काम चलाया जा रहा है।

कर्मियों की माने तो आउट सोसिंग से रखे गये शिक्षकेत्तर कर्मियों का मानदेय का नियमित भुगतान भी नहीं हो पा रहा है।

एसएलके कॉलेज 27 स्वीकृत पदों के विरुद्ध मात्र आठ शिक्षक है कार्यरत: शिक्षकेत्तर कर्मियों के 41 में 38 पद है खालीबीआरए बिहार विश्वविद्यालय के अंगीभूत इकाई एसएलके कॉलेज में शिक्षकों का बड़ी संख्या में पद खाली पड़ा है। बहाली नहीं होने से छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था बहाल रखने में कॉलेज प्रशासन को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।प्राचार्य डॉ. बीरेन्द्र चौधरी के अनुसार शिक्षक का स्वीकृत कुल 28 पदों में आठ पदों पर शिक्षक कार्यरत है। इसमें राजनीतिक विज्ञान व फिलॉस्फ समेत कुछ विषयों में पांच अतिथि शिक्षक के सहारे कक्षा का संचालन क कराया जा रहा है।

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