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तिब्बत की स्वतंत्रता के लिए भारत का सबसे बड़ा योगदान

भारत-तिब्बत मैत्री संघ सीतामढ़ी शाखा के बैनर तले दलाईलामा की 84 वीं जयन्ती समारोह लोहिया आश्रम मे आयोजित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए समाजसेवी रामशरण अग्रवाल ने कहा कि तिब्बत की स्वतंत्रता के लिए भारत का सबसे बड़ा योगदान तिब्बती शरणार्थियों को नागरिकता प्रदान करके हो सकता है।

उन्होंने कहा कि तिब्बत की आजादी उसके स्वाधीनता के लिए जरुरी नहीं वरन देश की सुरक्षा के लिए अहम विषय है। वरिष्ठ समाजिक कार्यकत्र्ता नागेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि तिब्बती शरणर्थियों में से कोई भी अबतक कानून-व्यवस्था के लिए कोई समस्या खड़ा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि एक आदर्श नागरिकता के लिए शिक्षा ग्रहण तिब्बती शरणार्थियों से सिखने की जरुरत है। डॉ.ब्रजेश कुमार शर्मा ने तिब्बत मुक्ति साधना को भारतीय नेतृत्व वर्ग द्वारा दिये गये समर्थन को याद करते हुए कहा कि तिब्बत की आजादी के लिए दिये गए पांच सूत्री प्रस्ताव एक वैश्विक नेता के रुप में दलाईलामा का महान कदम है। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष डॉ शशिरंजन कुमार ने किया।

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  • Web Title:India s largest contribution to Tibet s independence