Hindi teachers in schools and colleges - स्कूल व कॉलेजों में हिन्दी के शिक्षकों का टोंटा DA Image
12 दिसंबर, 2019|4:29|IST

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स्कूल व कॉलेजों में हिन्दी के शिक्षकों का टोंटा

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सीतामढ़ी जिले के स्कूलों व कॉलेजों में हिन्दी विषय के शिक्षकों का कमी है। अधिकांश माध्यमिक व उच्च माध्यमिक तथा कॉलेजों में स्वीकृत पद के अनुसार हिन्दी विषय के शिक्षक कार्यरत नहीं हैं। इसके कारण हिन्दी विषय पढ़ने की चाह रखने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूलों व कॉलेजों में समुचित शिक्षण व्यवस्था का लाभ नहीं मिल पा रहा है। छात्र-छात्राएं अपनी स्वयं की तैयारी व निजी कोचिंग के बदौलत हिन्दी की पढ़ाई कर कोर्स पूरा करने को विवश हैं। उदाहरण के लिए बीआरए बिहार विश्वविद्यालय की अंगीभूत इकाई व स्थानीय प्रीमियम कॉलेज एसआरके गोयनका कॉलेज को लिया जा सकता है। यहां इंटर से लेकर स्नातकोत्तर कक्षा में 10 हजार से उपर छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इसमें पीजी व स्नातक हिन्दी आनर्स में नामांकित छात्र-छात्राओं के अलावा इंटर समेत विभिन्न संकाय के छात्र-छात्राएं एमआईएल हिन्दी रखे हुए हैं। लेकिन हिन्दी पढ़ाई के व्यवस्था के नाम पर कॉलेज में शिक्षक का स्वीकृत छह पदों के विरुद्ध महज एक पद पर विभाग अध्यक्ष सह प्राध्यापक डॉ. गणेश राय कार्यरत हैं। वे भी अक्टूबर माह में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। यही हाल जिले के अन्य अंगीभूत कॉलेजों की है। हिन्दी विषय शिक्षके भारी कमी के बीच हिन्दी की समुचित पढ़ाई का आकलन स्वयं किया जा सकता है। यह आलग बात है कि अधिकांश छात्र-छात्राएं अपनी स्वयं की तैयारी की बदौलत हिन्दी विषय की विभिन्न परीक्षाओं में अव्वल अंक लाकर सफलता का परचम लहरा रहे हैं।

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  • Web Title:Hindi teachers in schools and colleges