जेई-एईएस पर विभाग अलर्ट अस्पतालों में विशेष व्यवस्था

Apr 08, 2026 02:34 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, सीतामढ़ी
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सीतामढ़ी में बढ़ते तापमान के बीच स्वास्थ्य विभाग ने एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) और जापानी इंसेफ्लाइटिस (जेई) के लिए अलर्ट मोड में आ गया है। सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, और चिकित्सा अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। 24x7 ड्यूटी और एंबुलेंस सेवा सुनिश्चित की गई है।

जेई-एईएस पर विभाग अलर्ट अस्पतालों में विशेष व्यवस्था

सीतामढ़ी। जिले में तापमान में लगातार वृद्धि के बीच एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) और जापानी इंसेफ्लाइटिस (जेई) को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है और संभावित स्थिति से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. रविंद्र कुमार यादव ने बताया कि जिले में जेई-एईएस से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारी पूरी कर ली गई है। बीते दिनों जिला स्वास्थ्य समिति सभागार में चिकित्सा पदाधिकारियों को विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद प्रशिक्षित चिकित्सकों द्वारा प्रखंड स्तर पर एएनएम, सीएचओ एवं आशा कार्यकर्ताओं को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इन वार्डों में आवश्यक दवाएं, उपकरण और प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। वहीं, सदर अस्पताल में 30 7 बेड की गहन शिशु चिकित्सा इकाई (पीआईसीयू) पहले से ही कार्यरत है, जहां गंभीर मरीजों का इलाज किया जाएगा।सिविल सर्जन ने तैयारी की समीक्षा : सिविल सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार ने मंगलवार को जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यालय में जेई-एईएस की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों एवं सदर अस्पताल के उपाधीक्षक को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है। विशेष रूप से रात्रिकालीन ड्यूटी पर कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है।जिला स्तर पर 44 एवं प्रखंड स्तर पर 28 प्रकार की दवाएं हैं उपलब्ध-जिले में दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित कर ली गई है। जिला स्तर पर 44 प्रकार की तथा प्रखंड स्तर के अस्पतालों में 28 प्रकार की आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं।सतर्कता को लेकर रोस्टर के अनुसार लगाई गई ड्यूटीस्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की 24×7 रोस्टर ड्यूटी लगा दी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही 24 घंटे एंबुलेंस सेवा भी सुनिश्चित की गई है। खास बात यह है कि यदि कोई व्यक्ति एईएस मरीज को निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाता है तो उसे प्रोत्साहन के रूप में तत्काल 400 रुपये नकद दिए जाएंगे।अब तक जिले में मरीज नहीं किए गए चिह्नितस्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक जिले में जेई या एईएस का कोई मामला सामने नहीं आया है, जबकि राज्य में 19 मरीजों की पुष्टि हुई है। इसके बावजूद विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए हर स्तर पर तैयारी मजबूत की जा रही है।

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