
जिले के किसानों को मिलेगी अतिवृष्टि व चक्रवात से क्षतिग्रस्त धान फसल का अनुदान
सीतामढ़ी जिले के किसानों के लिए फसल क्षति अनुदान की घोषणा की गई है। अक्टूबर में आए मोथा चक्रवात और अतिवृष्टि के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ था। अब कृषि विभाग ने किसानों को आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू होगी जिससे किसानों को राहत मिलेगी।
सीतामढ़ी। जिले के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। इस वर्ष अक्टूबर महीने में आए मोथा चक्रवात और अतिवृष्टि के कारण जिले में धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा था। जिससे किसान गहरे आर्थिक संकट में पहुंच गए। इसके परिणामस्वरूप अब कृषि विभाग द्वारा फसल क्षति अनुदान की घोषणा की गई है। जिसमें सीतामढ़ी जिला भी शामिल किया गया है। इससे क्षेत्र के लाखों किसान आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार इस वर्ष जिले में लगभग एक लाख सात हजार दो सौ हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल लगाई गई थी। अक्टूबर में आई तूफानी बारिश और चक्रवात ने फसल को नुकसान पहुंचाया।
जिससे किसानों को व्यापक आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। हालांकि कृषि विभाग ने शुरू में सीतामढ़ी जिले को फसल क्षति अनुदान योजना के दायरे से बाहर रखा था। मगर जिले से भेजी गई विस्तृत रिपोर्ट के बाद सरकार ने जिला को भी इस योजना में शामिल कर लिया। जल्द शुरू होगा आवेदन प्रक्रिया : जिला कृषि पदाधिकारी शांतनु कुमार ने बताया कि सरकार ने फसल क्षति अनुदान योजना के तहत जिले के प्रभावित किसानों को मदद देने का फैसला किया है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होने वाली है और किसानों को जल्द ही इसकी जानकारी जिला कृषि कार्यालय से मिलेगी। यह राशि किसानों के खाते में सीधे जमा की जाएगी जिससे उन्हें आर्थिक संकट से निपटने में मदद मिलेगी। क्षेत्र के किसानों के लिए यह राहत बड़ी उपलब्धि के समान है। क्योंकि पिछले महीनों से वे अपने धान की फसल के नुकसान के कारण भारी परेशानी में थे। फसल क्षति अनुदान मिलते ही वे नए सीजन की तैयारी कर सकेंगे। जिससे कृषि क्षेत्र में स्थिरता और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। बीमा योजनाओं को किया जाएगा सुदृढ़ : वहीं कृषि विभाग ने भी फसल सुरक्षा के लिए आगामी वर्ष में बेहतर तैयारी और बीमा योजनाओं को सुदृढ़ करने का आश्वासन दिया है ताकि भविष्य में ऐसी प्राकृतिक विपत्तियों के प्रभाव को कम किया जा सके। इस योजना के तहत किसानों को धान की क्षतिग्रस्त फसल के अनुपात के आधार पर आर्थिक सहायता दी जाएगी। जिससे वे अपनी आर्थिक स्थिति को सुधार सकेंगे और नए सीजन में खेती शुरू करने के लिए आवश्यक संसाधन जुटा सकेंगे। फसल क्षति के लिए मुआवजा योजना लागू हो चुकी है। आने वाले एक-दो दिनों में किसानों से ऑनलाइन आवेदन लिया जाएगा। किसानों से अपील है कि वे इस प्रक्रिया को लेकर घबराएं नहीं और निर्धारित प्रारूप के अनुसार अपने आवेदन समय पर जमा करें। इससे उन्हें समय रहते आर्थिक सहायता प्राप्त हो सकेगी। शांतनु कुमार,जिला कृषि पदाधिकारी

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