कृषि इनपुट अनुदान के नाम पर किसानों से कर रहे ठगी

कृषि इनपुट अनुदान के नाम पर किसानों से कर रहे ठगी

संक्षेप:

पिपराही में कृषि इनपुट अनुदान योजना के नाम पर साइबर ठग ने किसानों से पैसे ठगे हैं। अब तक एक दर्जन से अधिक किसान ठगी का शिकार हो चुके हैं। ठग ने खुद को किसान सलाहकार बताकर किसानों से फोन पर पैसे मांगे। पुलिस को अब तक ठग का पता लगाने में सफलता नहीं मिली है।

Dec 15, 2025 01:33 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, सीतामढ़ी
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पिपराही। प्रखंड क्षेत्र में लगातार पांचवे दिन रविवार को भी कृषि इनपुट अनुदान योजना के नाम पर साइबर ठग ने एक ही मोबाइल नंबर से किसानों को कॉल कर रुपए की मांग की। साइबर ठग का पता लगाने में पुलिस प्रशासन को भी अब तक सफलता नहीं मिली है। अबतक प्रखंड क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक किसान ठगी के शिकार हो चुके हैं। पिपराही प्रखंड की मेसौढ़ा पंचायत के पिपराही गांव के किसान गणेश महतो से ठग अपने को मेसौढ़ा पंचायत का किसान सलाहकार मुकेश कुमार बताकर 17,000 रुपया मोबाइल द्वारा ठग लिया गया। उसने बताया कि उसे कहा कि जल्द पैसा भेज दो ताकि कागजात दुरुस्त कर खाते में राशि भेज दी जाएगी।

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इसी तरह मेसौढा पंचायत के ही मनोज कुमार,अनिकेत कुमार तथा सुखलाल से आठ-आठ हजार रुपया ठग लिया गया है। जबकि रतनपुर गांव के किसान सुमन कुमार,प्रेमशंकर सिंह सहित कई लोगों को कॉल कर कागजात में कमी होने की बात बताई गई। मेसौढा पंचायत के किसान सलाहकार मुकेश कुमार को व्यक्तिगत रूप से जानने वाले तथा उसकी आवाज पहचानने वाले लोग साइबर ठग के झांसा में नहीं आ रहे हैं और ठगी होने से बच जा रहे हैं। लेकिन साइबर ठग इतना शातिर और सशक्त है कि अपने एक ही नंबर 9800051673 से किसानों को बेखौफ होकर फोन कर रहा है। साइबर ठग द्वारा बताया जा रहा है कि कृषि इनपुट अनुदान की राशि जारी की जा रही है। लेकिन आपके कागजात में कुछ त्रुटि है। इसे दुरूस्त करने के लिए ऑफिस खर्च लग रहा है। ऑफिस खर्च मोबाइल से भेजने पर कागजात दुरूस्त हो जाएगा। पीड़ित किसान गणेश महतो ने बताया कि ठगी से संबंधित मामला को लेकर साइबर थाना में शनिवार को आवेदन देने गया। किन्तु साइबर थाना में बताया गया कि ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इस संबंध में साइबर थाना के थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि संबंधित मामला को लेकर अभी तक थाना को लिखित सूचना नहीं है। बीएओ रजनीश कुमार ने बताया कि किसानों से ठगी किए जाने का मामला संज्ञान में आया है। साइबर ठगों से बचने के लिए चौपाल लगाकर किसानों को जागरूक किया जा रहा है। मेसौढा पंचायत के किसान सलाहकार मुकेश कुमार ने कहा कि मेरे नाम पर किसानों से ठगी की जा रही है।आश्चर्य की बात है कि ठग का मोबाइल नंबर तथा व्हाट्सएप नंबर लगातार खुला हुआ है।और ठगी भी इसी नंबर से की जा रही है।साइबर ठग किसानों को अपने नाम के अलावा कृषि विभाग के प्रखंड स्तर के सभी अधिकारियों का नाम बताता है।वहीं किसानों के आवेदन में दर्ज सभी जानकारी भी बताता है।जिससे भोलेभाले किसान ठग के झांसा में सहजता से आ जाते हैं।