‘एक शाम शहीदों के नाम में’ बांधा समा
पुपरी में अनुमंडल प्रशासन द्वारा सम्राट अशोक भवन में 'एक शाम शहीदों के नाम' सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शहीद सैनिकों के कल्याणार्थ धन संग्रह के लिए था। कलाकारों ने देशभक्ति गीतों और फिल्मी गज़लों के माध्यम से श्रोताओं का मन मोह लिया।

पुपरी। अनुमंडल प्रशासन के द्वारा सम्राट अशोक भवन में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शाहिद सैनिकों की विधवाओं एवं उनके आश्रितों के कल्याणार्थ शस्त्र सेना झंडा दिवस कोष में सैनिक कल्याणार्थ धन संग्रह के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन हुआ। सैनिक कल्याण निदेशालय गृह विभाग बिहार सरकार के राजेश वर्मा, एसडीओ गौरव कुमार, डीएसपी सुनीता कुमारी, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कफिल अख्तर, अधिवक्ता रविन्द्र झा ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्जवलित कर इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ किया। ऑर्गेन वादक सरोज सुमन, नाल वादक पप्पु राज पेड प्लेयर नंदन कुमार ने फिल्मी गीत पर संगीत का धुन बजाकर महफ़िल में शमां बांध दिया।
पटना से आए एक शाम शहीदों के नाम टीम के कलाकार गायक ब्रजेश कुमार ने देश भक्ति गीत ‘है रीत जहां की प्रीत सदा, मैं गीत वहां के गाता हूं, भारत का रहने वाला हूं भारत की बात सुनता हूँ’ से सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत की। ब्रजेश के प्रस्तुत ‘चिठ्ठी आई है वतन से चिठ्ठी आई है, बहुत दिनों के बाद’ गीत पर महफ़िल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। इसके बाद उन्होंने फिल्मी गजल ‘किसी नजर को तेरा इं तजार आज भी है’ दिल के टुकड़े टुकड़े करके मुस्कुराके चल दिए’ समेत अन्य गीत गाकर खूब वाहवाही लूटा। गायिका साधना झा ने देश भक्ति गीत ‘हर करम अपना करेंगे के वेतन तेरे लिए’ गाकर महफ़िल में शमां बांध दी। इसके बाद साधना ने चलो सजना जहां तक घटा चले एवं रब जो चाहे वहीं होना है आदमी खिलौना है समेत कई गानों से महफ़िल को गुलजार कर दी।
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