
मनरेगा से गांधी जी का नाम हटाना निंदनीय-प्रदेश पर्यवेक्षक
सीतामढ़ी में कांग्रेस की बैठक में मनरेगा कानून को खत्म करने के लिए मोदी सरकार की आलोचना की गई। प्रदेश पर्यवेक्षक पवन कुमार यादव ने महात्मा गांधी का नाम हटाना निंदनीय बताया। कांग्रेस ने 6 करोड़ परिवारों को लाभान्वित करने वाले इस कानून को बचाने के लिए संग्राम शुरू करने का निर्णय लिया।
सीतामढ़ी,हिंदुस्तान संवाददाता। मनरेगा बचाओ संग्राम एवं संगठन सृजन के तहत जिला कांग्रेस कमिटी कार्यालय ललित आश्रम गांधी मैदान में बुधवार को जिलाध्यक्ष रकटू प्रसाद की अध्यक्षता में बैठक हुई। मुख्य अतिथि कांग्रेस के प्रदेश पर्यवेक्षक पवन कुमार यादव ने कहा कि मनरेगा कानून से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाना निंदनीय है। मनरेगा कानून को निरस्त करने के मोदी सरकार की साजिश के खिलाफ कांग्रेस पार्टी देशभर में मनरेगा बचाओ संग्राम करने जा रही है। उन्होंने पंचायत, प्रखंड एवं जिला स्तर पर कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि बीस साल पूर्व डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने मजदूरों के हित में मनरेगा कानून लागू किया था।
लेकिन मौजूदा मोदी सरकार मनरेगा कानून को खत्म कर मेहनतकश मजदूरों से काम का वैधानिक अधिकार छीनने पर तुली हुई है।वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी रोजगार गारंटी कानून ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों को काम का अधिकार देता है। करीब 6 करोड़ परिवार इस कानून के जरिए लाभान्वित हो रहे थे। केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा लाए गए नए कानून से ग्राम सभा, पंचायती राज और ग्राम स्वराज की व्यवस्था कमजोर होगा। केंद्र सरकार का अंशदान घटकर 60 फ़ीसदी रह जाएगा, इससे काम की गारंटी खत्म हो जाएगी।बैठक में प्रमोद कुमार नील,मो अफाक खान,संजय कुमार बीररख,सीताराम झा,ताराकांत झा,पूर्व जिलाध्यक्ष कमलेश कुमार सिंह,मो शम्स शाहनवाज,युवा जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ रोहन कुमार, प्रो. रंजीत गुप्ता, रितेश रमण सिंह, नीरज कुमार यादव,उमा देवी सहित कई मौजूद थे।

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