गणना से कोई भी मकान या परिवार न छूटने पाए: केंद्रीय पर्यवेक्षक
भारत की जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत मकानों और परिवारों की गणना के लिए केंद्रीय टीम सीतामढ़ी पहुंची। टीम ने वार्ड संख्या 14 का दौरा किया, प्रगणकों की कार्य पद्धति का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस बार गणना डिजिटल माध्यम से की जा रही है, जिससे त्रुटियों का तुरंत पता लगाया जा सके।

आमोद कुमार सीतामढ़ी। भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत चल रहे मकानों की गणना, मकान सूचीकरण और परिवारों की गणना कार्य का जायजा लेने गुरुवार को भारतीय जनगणना की केंद्रीय टीम सीतामढ़ी पहुंची।केंद्रीय पर्यवेक्षक गोपाल महतो के नेतृत्व में आई टीम ने नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 14 का दौरा कर प्रगणकों व पर्यवेक्षकों की कार्य पद्धति का सूक्ष्म निरीक्षण व विश्लेषण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्रीय व राज्य पर्यवेक्षकों ने प्रगणकों द्वारा तैयार किए गए नजरी नक्शे और मकानों पर नंबर डालने की पद्धति की बारीकी से जांच की। नगर प्रबंधक अमरजीत कुमार की उपस्थिति में केंद्रीय टीम ने जमीनी स्तर पर काम कर रहे कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मैन्युअल और डिजिटल गणना का अंतर समझाया। केंद्रीय पर्यवेक्षक गोपाल महतो ने प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि पहले जनगणना का कार्य मैन्युअल (कागजों पर) होता था, लेकिन इस बार पूरा कार्य डिजिटल माध्यम से संपादित किया जा रहा है। डिजिटल प्रणाली में थोड़ी सी भी त्रुटि तुरंत सिस्टम की पकड़ में आ जाती है। इसलिए सभी कर्मी पूरी जागरूकता के साथ त्रुटिरहित आंकड़े एचएलबी ऐप पर अपलोड करें। उन्होंने सख्त निर्देश दिया कि क्षेत्र का कोई भी भवन या परिवार इस डिजिटल गणना से छूटना नहीं चाहिए।
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