रोक : नगर निकायों में बिना अनुमोदन नहीं होगा कार्य
बिहार सरकार ने नगर निकायों द्वारा 15 लाख रुपये से कम लागत की योजनाओं के कार्यों को विभागीय अनुमोदन के बिना पूरा करने पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। अब सभी नगर निकायों को ई-निविदा प्रक्रिया से ही काम करना अनिवार्य होगा। इससे कार्य गुणवत्ता और पारदर्शिता में सुधार होगा और भ्रष्टाचार को रोकने में मदद मिलेगी।

सुरसंड। बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने नगर निकायों द्वारा पंद्रह लाख से कम लागत की योजनाओं के कार्यों को विभागीय अनुमोदन के बिना पूरा करने पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। विभाग ने शहर विकास योजनाओं के निष्पादन में पारदर्शिता बढ़ाने तथा भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं पर लगाम कसने के उद्देश्य से यह निर्णय जारी किया है। सरकार की नई घोषणा के अनुसार अब सभी नगर निकायों को 15 लाख रुपये से कम की लागत वाली किसी भी योजना के कार्यों को केवल ई-निविदा प्रक्रिया के माध्यम से ही कराना अनिवार्य होगा। इससे पहले ऐसे निचले श्रेणी के कार्यों में सिर्फ अनुमोदन पर कार्य शुरू कर दिया जाता था।
जिससे अनियमितताओं और कार्य निष्पादन में गुणवत्ता का अभाव देखा गया है। विभाग ने पूर्व के आदेश को निरस्त करते हुए यह नई दिशा-निर्देश जारी किये हैं। निर्णय में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि इस आदेश की तिथि के बाद कोई योजना कार्य बिना ई-निविदा के प्रारंभ होता है, तो उसे मान्यता नहीं दी जाएगी। और न ही उसके लिए कोई धनराशि मंजूर की जायेगी। इससे योजनाओं की तैयारी, निविदा प्रक्रिया, कार्य गुणवत्ता और लागत में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष ओमप्रकाश झा उर्फ राजू झा ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि यह निर्णय उन लंबित प्रभावहीन कार्यों और भ्रष्ट गतिविधियों पर रोक लगाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा जो पिछले वर्षों में स्तरहीन कार्यों व लूट-खसोट के कारण विकास कार्यों को प्रभावित करते रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ई-निविदा प्रक्रिया से ना केवल धन का नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित होगा, बल्कि गुणवत्ता व स्थानीय निगरानी भी बेहतर होगी। नगर निकायों द्वारा नगर योजनाओं, सड़क, जलापूर्ति, सीवर, यातायात व्यवस्था आदि के कार्यों में निविदा आधारित निष्पादन से अब आम नागरिकों को भी बेहतर सेवाएं मिलने की उम्मीद प्रबल हो गई है। विभाग की यह नीति स्थानीय शासन में जवाबदेही और लोकहित सिद्धांत को और मजबूत करेगी।
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