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बैंक हड़ताल से 300 करोड़ रुपये का लेन देन ठप

बैंक हड़ताल से 300 करोड़ रुपये का लेन देन ठप

जिले के सभी वाणिज्यिक बैंको में गुरुवार को पूर्णत: हड़ताल रहने से जिले में करीब 300 करोड़ रुपये से अधिक का लेन देन का कारोबार ठप रहा। वहीं पूर्ण हड़ताल के कारण एटीएम, आरटीजीएस, नेफ्ट तथा चेक व ड्राफ्ट क्लियरिंग का कार्य बाधित रहा। विदित हो कि वेतन पुनरीक्षण सम्मानजनक ढंग से किये जाने के मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर अपने चार सूत्री मांग को लेकर जिले के सभी वाणिज्यिक बैंको में पूर्णत: कामकाज ठप रहा। बैंक शाखाओ में ताले झूलते रहे। बैंक यूनियंस के नेताओं ने ग्रामीण बैंक तथा कोआपरेटिव बैंक की शाखाओ में जाकर उनका काम काज भी ठप कराते हुए मांगो का समर्थन किया। हड़ताल को लेकर यूनाइटेडफोरम आफ बैंक यूनियंस से संबद्ध विभिन्न बैंक के अधिकारियों व कर्मचारियों ने अपनी मांगो को लेकर लीड बैंक कार्यालय राजेंद्र भवन परिसर में जमा होकर सरकार और बैंक प्रबंधन के विरुद्ध नारेबाज़ी की।

मांग पूरी नहीं होने पर कल भी हड़ताल पर रहेंगे बैंक कर्मी : बैंक कर्मियों ने मांगे पूरी नहीं किये जाने के विरुद्ध 31 मई को भी हड़ताल पर डेट रहने का ऐलान किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए यूनियन के नेताओं ने कहा कि बैंक कर्मियों का वेतन पुनरीक्षण नवम्बर 2017 से देय है। परन्तु केंद्रीय सरकार और भारतीय बैंक संघ टलमटोल की नीति अपना रही है। पांच मई 18 को वेतनपुनरीक्षण वार्ता में आईबीए द्वारा दो प्रतिशत वेतन बढ़ोतरी का प्रस्ताव बैंक कर्मियों को आक्रोशित कर दिया है। केंद्र सरकार जहां अपने कर्मियों को 30-40 प्रतिशत वेतन बढोतरी दी है। वहीं बैंक कर्मियों के वेतन बढ़ोतरी के प्रति कंजूसी दिखा रही है, जो कहीं से भी न्यायोचित नहीं है। प्रधानमंत्री द्वारा बैंक कर्मियों के कार्यो की प्रशंसा की जा रही है। वहीं वेतन समझौता में सौतेलापन दिखाया जा रहा है। दूसरी ओर सांसद, विधायक मंत्री और राज्यपाल के वेतन एवं पेंशन में बढ़ोतरी से सरकार का खजाना कम नहीं पड़ता। ं बैंको के मुनाफा को अधार बनाकर वेतन पुनरीक्षण की बात कही जाती है। बैंक का मुनाफा एनपीए बढ़ने से कम हो रहा है। उसके वसूली के लिए कड़े कानून नहीं बनाए जा रहे है। बड़े बकायेदारों के विरुद्ध फौजदारी मुकदमा कर ऋण वसूली की ठोस व्यवस्था नहीं की जा रही है। उल्टा काम करने वाले को उसके हक से वंचित किया जा रहा है। सामुहिक धरनासभा में राकेश कुमार यशवंत राय, सरोज कुमार सिंह, विजय कुमार मिश्रा दिनेश चन्द्र द्विवेदी अमित कुमार झा, बह्मदेव साफी, शिवेन्द्र कुमार, विनोद कुमार ठाकुर ,संजय कुमार, कुमार राहुल, दुर्गा सुमन, कुमारी अर्चना, गौतम कुमार, विकास कुमार, कुणाल सिन्हा, आशीष कुमार, राकेश कुमार झा, ऋषिकेश मानस कुमार व मुन्ने कुमार आदि ने अपने विचार रखे।

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  • Web Title:Bank strike strikes off 300 million rupees