Sitamarhi News: उर्वरक विक्रेता के लिए 15 दिवसीय प्रशिक्षण की शुरुआत
Sitamarhi News: प्रशिक्षण उपरान्त अधिकृत उर्वरक विक्रेता बन सकेंगेउर्वरक विक्रेता के लिए 15 दिवसीय प्रशिक्षण की शुरुआत। उर्वरक विक्रेता के लिए 15 दिवसीय प्रशिक्षण

Sitamarhi News: उर्वरक विक्रेता के लिए 15 दिवसीय प्रशिक्षण की शुरुआत पुपरी। कृषि विज्ञान केन्द्र सीतामढ़ी में उर्वरक विक्रेता का पंद्रह दिवसीय प्रशिक्षण की शुरुआत की गई।मुख्य अतिथि सह सुरसंड विधान सभा के विधायक प्रो नागेंद्र राउत एवं केन्द्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ रामईश्वर प्रसाद ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण का शुभारंभ किया।वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान ने मुख्य अतिथि को पुष्प गुच्छ,मोमेंटो एवं शॉल प्रदान कर सम्मानित किया।इस अवसर पर मुख्य अतिथि सह विधायक ने कहा कि इसमें प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अधिकृत उर्वरक विक्रेता बन जाएंगे।इस व्यबसाय से रोजगार प्राप्त होगा और किसानों को भी बेहतर लाभ मिलेगा।
वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान ने कहा कि इलाके के किसान लोग केवल यूरिया,डीएपी, पोटाश,बोरोन,जिंक का ही उपयोग कर रहे हैं।जबकि फसलों से बेहतर उपज के लिए 16 से 18 प्रकार का पोषक तत्वों की जरूरत होती है।इसमें प्रशिक्षणर्थियों को सभी पोषक तत्वों की जानकारी दी जाएगी।पशु चिकित्सा वैज्ञानिक डॉ किंकर कुमार एवं उद्यान वैज्ञानिक मनोहर पंजीकार ने कहा इसमें केंचुआ खाद और जैविक खेती के महत्व की जानकारी दी जाएगी।सस्य वैज्ञानिक सच्चिदानंद प्रसाद एवं पादप रक्षा वैज्ञानिक डॉ श्रीति मोसेस ने कहा फसलों के बेहतर उत्पादन के लिए एजेंटो बैक्टर,नील हरित शैवाल,एजोला,पीएसबी,केएसबी उर्वरक भी काफी महत्वपूर्ण स्थान रखता है।इनके प्रयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति में वृद्धि होती है एवं लागत खर्च में कमी आती है।गृह वैज्ञानिक डॉ सलोनी चौहान ने किसी भी फसलों में बेहतर उपज प्राप्त करने के लिए मिट्टी की जाँच कराने पर जोर दी।


