पुनौरा धाम के सीताराम मंडपम में विराजेंगी मां जानकी, 8 अगस्त को मंगल प्रवेश; सम्राट शामिल होंगे
सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में नए मंदिर का निर्माण होने तक मां जानकी अस्थायी सीताराम मंडपम में विराजेंगी। 8 अगस्त को भव्य मंगल प्रवेश कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जिसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी शामिल होंगे।

ज्ञान रंजन भारद्वाज, सीतामढ़ी। माता जानकी की जन्मस्थली पुनौरा धाम में भव्य मंदिर निर्माण पूरा होने तक मां जानकी एवं रामदरबार की प्रतिमाएं नवनिर्मित अस्थायी मंदिर 'श्री सीताराम मंडपम' में विधि-विधान के साथ विराजमान होंगी। बिहार के सीतामढ़ी स्थित पुनौरा धाम में 8 अगस्त को आयोजित होने वाले इस भव्य प्रवेश समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी शामिल होंगे। पुराने गर्भगृह में विशेष पूजा-अर्चना और वैदिक अनुष्ठान के बाद अभिजित मुहूर्त में मां जानकी, राम दरबार और अन्य देवी-देवताओं के विग्रहों को शोभायात्रा के साथ नए मंडपम तक ले जाया जाएगा। पूरे मार्ग में वैदिक मंत्रोच्चारण, मंगलगीत और पुष्पवर्षा के बीच श्रद्धालु प्रतिमाओं का स्वागत करेंगे।
मंदिर के महंत कौशल किशोर दास एवं उनके मुख्य शिष्य रामकुमार ने बताया कि 8 अगस्त को नूतन मंदिर प्रवेश का पूजन सुबह 7:30 बजे से शुरू होगा। सबसे पहले सीता उर्विजा कुंड पर पूजन कर कलश में जल लेकर परिक्रमा की जाएगी। इसके बाद प्रधान मंदिर के पुराने गर्भगृह में कलश स्थापित कर श्रीगणेश एवं अन्य देवी-देवताओं का आह्वान होगा।
अभिजीत मुहूर्त में होगा प्रवेश
इसके बाद सुबह 11:33 बजे से दोपहर 12:26 बजे के बीच अभिजीत मुहूर्त में मां जानकी, राम दरबार एवं अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को 'श्री सीताराम मंडपम' में प्रवेश कराया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत अन्य गणमान्य अतिथियों का मिथिला की परंपरा के अनुसार स्वागत किया जाएगा। अभिषेक, हवन और महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।
शिलान्यास के ठीक एक साल बाद आयोजन
पुनौरा धाम मंदिर के जीर्णोद्धार एवं भव्य निर्माण कार्य का शिलान्यास 8 अगस्त 2025 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया था। भूमि पूजन और शिलान्यास के ठीक एक साल बाद यह विशेष आयोजन हो रहा है। मंदिर निर्माण पूरा होने तक मां जानकी श्रद्धालुओं को 'श्री सीताराम मंडपम' से ही दर्शन देंगी। वीआईपी आगमन, श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
आस्था और विकास का नया केंद्र बनेगा पुनौरा धाम
पुनौरा धाम को अयोध्या की तर्ज पर विश्वस्तरीय धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। 'श्री सीताराम मंडपम' में प्रतिमाओं का प्रवेश इस महत्वाकांक्षी परियोजना का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय रोजगार, व्यापार और पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। साथ ही मिथिला की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को वैश्विक स्तर पर और मजबूती मिलेगी।


