
बहन कई लड़कों से बात करती थी, रोकने पर नहीं मानी तो मार दिया; प्रिया हत्याकांड में भाई का कबूलनामा
प्रिया कई लड़कों से मोबाइल पर बात करती थी। मना करने के बावजूद अपने आदतों से बाज नही आ रही थी। इससे तंग आकर अभिषेक ने मां और पुत्री दोनों को घर से कही चले जाने अन्यथा हत्या कर देने की धमकी दी थी।
बिहार के सीतामढ़ी में एमए की छात्रा प्रिया भारती की नृशंस हत्याकांड में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। छात्रा प्रिया भारती के मौसेरा भाई अभिषेक ठाकुर उर्फ ढेलवा ने ही उसकी हत्या की थी। ढेलवा ने प्रिया और उसकी मां दोनों की हत्या की नीयत से हमला किया था। इसमें प्रिया की मां के बेहोश हो जाने पर मरा हुआ समझ छत पर चढ़कर प्रिया की हत्या कर दी।

पुलिस ने अभिषेक को गुरुवार की सुबह बाबू नरहा गांव से कुछ ही दूरी पर अवस्थित सुपिलगाढ़ा गांव के चौर से गिरफ्तार किया। वह चौर की एक झाड़ी में छिपा था। वहां से दिल्ली भागने के फिराक में भी था। घटना बाजपट्टी थाना इलाके के बाबू नरहा गांव की है। डीएसपी पुपरी सुनीता कुमारी ने बाजपट्टी थाने में हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि अभिषेक ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
मौसी को मरा समझ कर छोड़ दिया था
आरोपी भाई ने पुलिस को बताया है कि उसे मौसेरी बहन प्रिया और मौसी निशा देवी के क्रियाकलाप पसंद नही थे। प्रिया कई लड़कों से मोबाइल पर बात करती थी। उसके द्वारा मना करने के बावजूद अपने आदतों से बाज नही आ रही थी। इससे तंग आकर अभिषेक ने मां और पुत्री दोनों को घर से कही चले जाने अन्यथा हत्या कर देने की धमकी दी थी। स्थिति में सुधार नहीं होने पर उसने दोनों की हत्या करने की साजिश रची। इसी क्रम में 07 सितंबर की रात्रि करीब नौ बजे अभिषेक ने पहले मौसी निशा देवी पर घर में रखे दबिया से हमला किया। पहले ही प्रहार में वह बेहोश होकर गिर गई। उसे लगा कि वह मर गई। इसके बाद वह छत पर पहुंचा, जहां प्रिया मोबाइल से किसी से बात कर रही थी। लगातार प्रहार कर उसने प्रिया को छत पर ही मौत के घाट उतार दिया।
अभिषेक को बचा रहे थे परिजन
डीएसपी ने बताया कि तकनीकी अनुसंधान और टावर लोकेशन से यह भी स्पष्ट हो गया था कि घटना को अंजाम देने के लिए कोई बाहरी घटनास्थल पर नही आया था। वहीं घटना के बाद से ही अभिषेक भी घर से फरार था। ऐसे में शक की सुई पहले से ही उसपर घूम रही थी। हालांकि परिजन अभिषेक बचाने के प्रयास में अनुसंधान को दिग्भ्रमित कर रहे थे। अभिषेक के गिरफ्तारी की कार्रवाई में थानाध्यक्ष अमृत कुमार पाल, एसआई कुणाल कुमार व प्रमोद कुमार, सिपाही विकाश शामिल थे। बताते चले कि डुमरा थाना के बेली गांव निवासी हत्यारा अभिषेक और मृत प्रिया भारती के माता करीब 20 वर्षों से अपने बच्चों के संग मायके बाबू नरहा में रहते है। वहीं 17 जुलाई को अभिषेक के बड़े भाई आदित्य ठाकुर उर्फ बेलवा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।



