अमिताभ दास की गिरफ्तारी पर शिवानंद तिवारी का आया रिऐक्शन, नीतीश के बेटे निशांत पर भी बोले
वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि पूर्व पुलिस अधिकारी अमिताभ दास ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत पर जो आरोप लगाये हैं वह बिल्कुल अविश्वसनीय हैं। अमिताभ दास मानसिक तौर पर स्वस्थ व्यक्ति नहीं लग रहे हैं।

पूर्व आईपीएस और विवादित बयानों से चर्चा में रहने वाले अमिताभ दास को शुक्रवार की शाम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई पर राजनीति शुरू हो गई है। वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि पूर्व पुलिस अधिकारी अमिताभ दास ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत पर जो आरोप लगाये हैं वह बिल्कुल अविश्वसनीय हैं। अमिताभ दास मानसिक तौर पर स्वस्थ व्यक्ति नहीं लग रहे हैं।
शिवानंद तिवारी ने कहा कि नीतीश कुमार लंबे समय से मुख्यमंत्री हैं। मां के नहीं रहने के बाद निशांत अपने पिता के साथ ही मुख्यमंत्री आवास में रहते हैं, लेकिन आज तक किसी भी विवाद में उनका नाम नहीं आया। कभी उनपर उंगली नहीं उठी। बल्कि लोगों को ताज्जुब होता है कि एक मुख्यमंत्री का बेटा इतना सरल कैसे हो सकता है। निशांत कुमार का व्यक्तित्व सबको पसंद है। अमिताभ दास उन्हें लेकर ऐसी बात क्यों लगा रहे हैं यह समझ से बाहर का विषय है। या तो वे मानसिक तौर बीमार हो गए हैं या फिर इसके पीछे कोई गहरा राज है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि अमिताभ दास मुझे कभी भी मानसिक तौर पर स्वस्थ व्यक्ति नहीं लगे। उन्होंने निशांत पर जो नीट छात्रा मामले से संबंधित आरोप लगाया है वह बिल्कुल अविश्वसनीय है। इस आरोप को विकृत मानसिकता की उपज कहा जा सकता है। शिवानंद तिवारी नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू में भी रह चुके हैं।
शुक्रवार को अमिताभ दास के घर पर पटना पुलिस की टीम पहुंची और छापेमारी की गई। उनके आवास पाटलिपुत्र कॉलोनी में पटना स्काइज अपार्टमेंट में चित्रगुप्त नगर थाने की पुलिस पहुंची और छापेमारी की गई। बताया गया कि कार्रवाई के दौरान अमिताभ दास की तबीयत बिगड़ गई। उनके हेल्थ चेकअप के लिए मेडिकल टीम को बुलाया गया। अमिताभ दास पर शंभू गर्ल्स हॉस्टल की NEET छात्रा रेप-मौत केस में सोशल मीडिया पर भ्रामक और उत्तेजक पोस्ट डालने का आरोप लगाया गया। अमिताभ दास पर छात्रा की निजता का हनन करने का भी आरोप लगा। 3 थानों की पुलिस उनके आवास पर तलाशी और छापेमारी की।
आज अमिताभ दास को कोर्ट में पेश किया जा सकता है। कोर्ट के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पूर्व आईपीएस पर राज्य के एक संवेदनशील कांड में जांच को प्रभावित करने की नीयत से गलत और तथ्यहीन बात करने का आरोप गलाया गया है। उनकी गिरफ्तारी को लेकर सियासत तेज हो सकती है।
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Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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