
शहाबुद्दीन के बेटे के लिए MLA ने खाली कर दी सीट, ओसामा को लालू-तेजस्वी ने रघुनाथपुर से लड़ाया
संक्षेप: सीवान के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब को लालू यादव और तेजस्वी यादव ने सीवान की रघुनाथपुर सीट से टिकट दिया है। यहां राजद के मौजूदा विधायक हरिशंकर यादव ने ओसामा का समर्थन करते हुए लड़ने से मना कर दिया था।
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष लालू यादव ने तेजस्वी यादव की मौजूदगी में रघुनाथपुर विधानसभा सीट से सीवान से चार बार सांसद रहे मोहम्मद शहाबुद्दीदन के बेटे ओसामा शहाब को टिकट दे दिया है। रघुनाथपुर के राजद विधायक हरिशंकर यादव ने अपने राजनीतिक सफर में शहाबुद्दीन की मदद को याद करते हुए ओसामा शहाब का समर्थन करने का ऐलान किया था। इस सीट के इतिहास में 2015 में राजद को हरिशंकर ने ही पहली बार जीत दिलाई थी। 2020 में भी वो दोबारा जीते थे। शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब सीवान से इस बार भी लोकसभा चुनाव हार गई थीं और उसके बाद वापस राजद में लौट आई थीं। ओसाम पर भी अब तक कई मामले दर्ज हो चुके हैं।

विपक्षी दलों के महागठबंधन में सीट बंटवारे पर अब तक ना तो सहमति बनी है और ना ही कोई औपचारिक घोषणा हुई है। कई सीटों पर सहयोगी दलों के परस्पर दावे और सीटों की संख्या को लेकर कांग्रेस, राजद, वीआईपी और सीपीआई-माले में गंभीर मतभेद बने हुए हैं। लेकिन तेजस्वी की पार्टी के साथ-साथ सीपीआई-माले, सीपीआई ने उन सीटों पर कैंडिडेट की घोषणा के साथ सिंबल भी जारी कर दिया है, जहां दूसरे दलों का दावा नहीं है। उन उम्मीदवारों में कई नामांकन भी दाखिल कर चुके हैं, जिसमें खुद तेजस्वी यादव भी शामिल हैं।
शहाबुद्दीन कब्र से निकलकर नहीं आए, उनका बेटा...', ओसामा शहाब के RJD में जाने पर भड़के ओवैसी के विधायक
रॉबिनहुड छवि के शहाबुद्दीन बिहार में अपने समय के बहुचर्चित दबंग राजनेता थे। उन पर कई तरह के आपराधिक केस दर्ज थे और जेल में रहने के दौरान ही उनकी मौत हो गई थी। जीरादेई से दो बार विधायक रहने के बाद 1996 में शहाबुद्दीन पहली बार सीवान से लोकसभा के सांसद बने थे। सजायाफ्ता होने के बाद शहाबुद्दीन ने 2009 में पत्नी हिना शहाब को राजद से ही लड़ाया लेकिन वो जीत नहीं पाई। इसके बाद राजद ने हिना को 2014 और 2019 में भी उतारा, लेकिन वो लगातार हारती रहीं।
2024 में लालू ने सीवान सीट से छह बार जीते मौजूदा विधायक अवध बिहारी चौधरी को लड़ाया तो हिना निर्दलीय लड़ गईं। जेडीयू की विजयलक्ष्मी कुशवाहा से 93 हजार वोट से हिना को हरा दिया। 1.98 लाख वोट लाकर अवध बिहारी तीसरे नंबर पर रहे। हरिशंकर यादव शहाबुद्दीन के करीबी नेता माने जाते थे और उनके गुजरने के बाद भी उनके परिवार के सुख-दुख के साथी हैं।





