बिहार के मंत्री अरुण शंकर के काफिले पर हमले में बड़ा ऐक्शन, मुख्य साजिशकर्ता सुनील सिंह समेत 7 आरोपी दबोचे गए
Madhubani Minister Convoy Attack : बिहार के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद के काफिले पर मधुबनी में हुए हमले के मामले में पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता सुनील सिंह समेत 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

Madhubani Minister Convoy Attack : बिहार सरकार के श्रम संसाधन तथा युवा, रोजगार एवं कौशल विकास मंत्री अरुण शंकर प्रसाद के काफिले पर हुए पथराव के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। रविवार की शाम मधुबनी जिले के खजौली थाना क्षेत्र के ठाहर गांव में हुई इस वारदात के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। मधुबनी के पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने इस हिंसक हमले में शामिल कुल 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। सबसे बड़ी कामयाबी यह रही कि इस पूरे हमले के मुख्य साजिशकर्ता सुनील कुमार सिंह को भी पुलिस ने दबोच लिया है। वारदात के बाद खुद एसपी घटनास्थल पर पहुंचे थे और आरोपियों को पकड़ने के लिए एक हाई-लेवल विशेष टीम का गठन किया गया था।
शोक संतप्त परिवार से मिलने पहुंचे थे मंत्री
यह पूरी घटना उस समय हुई जब एक सड़क दुर्घटना में हुई स्थानीय व्यक्ति की मौत के बाद, क्षेत्रीय विधायक और बिहार सरकार के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद पीड़ित परिवार को सांत्वना देने और उनसे मुलाकात करने ठाहर गांव गए थे। लेकिन वहां पहले से ही घात लगाए बैठे असामाजिक तत्वों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत मंत्री के काफिले को निशाना बना लिया। ग्रामीण महिलाओं और उपद्रवियों ने अचानक बांस-बल्ले, लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से पूरे काफिले पर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। इस हिंसक पथराव में मंत्री अरुण शंकर प्रसाद के वाहन का शीशा पूरी तरह से चकनाचूर और क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, मौके पर मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों की सूझबूझ और बहादुरी के कारण मंत्री जी इस जानलेवा हमले में बाल-बाल बच गए। घटना के बाद मंत्री ने सीधा आरोप लगाया कि यह हमला इलाके के सक्रिय शराब माफियाओं ने सोची-समझी रणनीति के तहत कराया है।
4 डीएसपी और 10 थानों की पुलिस ने रात भर की छापेमारी
खजौली के ठाहर गांव में सूबे के कैबिनेट मंत्री पर हुए इस हमले के बाद जिला प्रशासन ने स्थिति को बेहद गंभीरता से लिया। एसपी के निर्देश पर सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में बनी विशेष जांच टीम ने तत्काल मोर्चा संभाला। उपद्रवियों को पकड़ने के लिए बनाई गई इस स्पेशल टीम में 4 डीएसपी खुद शामिल थे और इलाके के 10 अलग-अलग थानों की पुलिस ने रात भर संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इसी कड़े एक्शन के कारण मुख्य साजिशकर्ता समेत 7 लोग पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। मिली जानकारी के अनुसार, वीडियो फुटेज और चश्मदीदों के बयान के आधार पर घटना में शामिल अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी अब भी लगातार जारी है।


