गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च करना पड़ सकता है भारी, एक क्लिक और खाली हो जाएगा आपका अकाउंट!

Jayendra Pandey हिन्दुस्तान, प्रधान संवाददाता, भागलपुर
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Cyber Crime In Bihar: गूगल पर ई-कॉमर्स कंपनियों और बैंकों के फर्जी कस्टमर केयर नंबर डालकर साइबर ठग लोगों के खाते खाली कर रहे हैं। भागलपुर में एक कर्नल और सेना के जवान ठगी का शिकार हुए हैं।

गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च करना पड़ सकता है भारी, एक क्लिक और खाली हो जाएगा आपका अकाउंट!

Cyber Crime In Bihar: आज के डिजिटल युग में अगर आप भी किसी ई-कॉमर्स कंपनी, बैंक या अन्य संस्थानों का 'कस्टमर केयर नंबर' सीधे गूगल पर सर्च करते हैं, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ा अलर्ट है। साइबर अपराधियों ने ठगी का एक बेहद खतरनाक जाल बिछा रखा है। गूगल सर्च इंजन पर बड़ी कंपनियों के नाम से साइबर ठगों ने चालाकी से अपने फर्जी नंबर फीड कर दिए हैं। जैसे ही कोई ग्राहक मदद के लिए इन नंबरों पर कॉल करता है, ठग उन्हें मीठी बातों में उलझाकर उनका पूरा बैंक खाता पल भर में साफ कर देते हैं। इस खतरनाक ट्रेंड का शिकार आम लोग ही नहीं, बल्कि कर्नल और सेना के जवान भी हो रहे हैं।

कर्नल के खाते से उड़े 59 हजार रुपये

इस हाई-टेक फर्जीवाड़े का शिकार प्रियदर्शनी नगर के रहने वाले कर्नल अशोक कुमार सिंह भी हुए हैं। जानकारी के अनुसार, कर्नल अशोक एक बैंक के ऐप पर अपनी चेक बुक के डिस्पैच का स्टेटस चेक कर रहे थे। उसी दौरान उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को बैंक का अधिकारी बताया और मदद करने के नाम पर कर्नल को पूरी तरह अपने झांसे में ले लिया। ठग ने जैसा-जैसा कहा, कर्नल वैसा करते गए और पलक झपकते ही उनके बैंक खाते से 59 हजार रुपये की ठगी हो गई।

सेना के जवान का मोबाइल हैक, उड़े 82 हजार

इसी तरह का एक और मामला हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित एनसीसी (NCC) कार्यालय में कार्यरत सेना के जवान नरेश चंद्र के साथ हुआ। वे एक हर्बल कंपनी के प्रोडक्ट की शॉपिंग के लिए इंटरनेट पर ऑनलाइन कॉन्टैक्ट नंबर तलाश रहे थे। जस्ट डायल के जरिए उन्हें एक नंबर मिला। जब उन्होंने उस नंबर पर मदद के लिए कॉल किया, तो ठग ने बातों में उलझाकर उनका पूरा मोबाइल ही हैक कर लिया। इसके बाद जवान के बैंक खाते से दो बार में कुल 82 हजार रुपये की अवैध निकासी कर ली गई।

इन बातों का रखें ध्यान, ठगी से बचें

साइबर एक्सपर्ट्स ने सख्त हिदायत दी है कि गूगल सर्च पर मिलने वाले कस्टमर केयर नंबरों पर आंख मूंदकर बिल्कुल भरोसा न करें। किसी भी सर्विस का नंबर केवल उनकी ऑफिशल वेबसाइट या वेरिफाइड ऐप से ही निकालें। हमेशा ध्यान रखें कि बैंक या कोई भी कंपनी आमतौर पर 10 अंकों का पर्सनल मोबाइल नंबर कस्टमर केयर के रूप में नहीं देती है। सबसे अहम बात, असली कस्टमर केयर अधिकारी कभी भी आपसे ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक डिटेल्स साझा करने को नहीं कहता है।

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लेखक के बारे में

Jayendra Pandey
अदम गोंडवी के शहर गोण्डा से ताल्लुक रखने वाले जयेंद्र पाण्डेय मेनस्ट्रीम मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे एक ऊर्जावान युवा पत्रकार हैं। वर्तमान में ’हिन्दुस्तान’ (Hindustan Times Group) के साथ जुड़कर जनसरोकार की खबरों को कवर कर रहे जयेंद्र ने नोएडा के प्रतिष्ठित संस्थान जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की बारीकियां सीखीं और अपने करियर का आगाज ‘जी न्यूज’ की नेशनल टीम में इंटर्नशिप से किया। इसके बाद उन्होंने ’दैनिक भास्कर’ में बतौर ट्रेनी फीचर और स्पेशल स्टोरीज पर काम करते हुए कंटेंट की बारीकियों को समझा। अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग में अपना लोहा मनवाया, जिसमें नोएडा ट्विन टावर डिमोलिशन से लेकर बृजभूषण शरण सिंह बनाम पहलवानों के धरने तक कई हाई-प्रोफाइल इवेंट्स की ग्राउंड रिपोर्टिंग और अन्य कई स्पेशल स्टोरीज शामिल हैं। वर्तमान में वे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 'हिन्दुस्तान' की बिहार टीम के लिए राजनीति, क्राइम और जनसरोकार से जुड़ी बड़ी खबरों को बेहद आक्रामकता और गहराई के साथ कवर कर रहे हैं। मीडिया के साथ-साथ जयेंद्र का रुझान पॉलिटिकल कंसल्टेंसी की ओर भी है। वे चुनावी समीकरणों और रणनीतिक प्रबंधन की अच्छी समझ रखते हैं। और पढ़ें
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