
एनडीए के अंदर ही नेताओं की छीनाझपटी, उपेंद्र कुशवाहा ने चिराग की पार्टी से लीडर तोड़े
उपेंद्र कुशवाहा ने राष्ट्रीय लोक मोर्चा में शामिल होने वाले नेताओं को बधाई दी है। कुशवाहा ने कहा कि इन नेताओं के जुड़ने से राष्ट्रीय लोक मोर्चा ना सिर्फ बिहार बल्कि यूपी और दिल्ली जैसे राज्यों में भी संगठनात्मक तौर पर मजबूत होगी। इसके अलावा पार्टी के जनाधार को भी बढ़ाने में मदद मिलेगी।
अब एनडीए के अंदर ही अलग-अलग पार्टियों के बीच नेताओं की छीनाझपटी होने लगी है। जी हां, हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी (रामविलास) के कई नेताओं को उपेंद्र कुशवाहा ने तोड़ लिया और अपनी पार्टी में शामिल करवा लिया। चिराग पासवान की पार्टी के कई दिग्गज नेताओं की एंट्री उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा में हुई है। उपेंद्र कुशवाहा ने इन सभी नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई है। इन नेताओं में एलजेपी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और मुख्य प्रवक्ता रहे ए के वाजपेयी भी शामिल हैं।
उपेंद्र कुशवाहा ने राष्ट्रीय लोक मोर्चा में शामिल होने वाले नेताओं को बधाई दी है। कुशवाहा ने कहा कि इन नेताओं के जुड़ने से राष्ट्रीय लोक मोर्चा ना सिर्फ बिहार बल्कि यूपी और दिल्ली जैसे राज्यों में भी संगठनात्मक तौर पर मजबूत होगी। इसके अलावा पार्टी के जनाधार को भी बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कुशवाहा ने वाजपेयी को उपाध्यक्ष और प्रवक्ता बनाया
कुशवाहा ने बुधवार को अरविंद कुमार वाजपेयी को पार्टी का वरीय राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोनीत किया है। इसके साथ ही उन्हें पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी की भी जिम्मेदारी दी गई है।
चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा दोनों ही पार्टियां एनडीए का हिस्सा हैं। ऐसे में एलजेपीआर के नेताओं द्वारा चिराग का साथ छोड़कर राष्ट्रीय लोक मोर्चा में शामिल होने के सवाल पर उपेंद्र कुशवाहा ने मीडिया से कहा कि इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है और इन्होंने उस दल को छोड़ दिया है। ए के वाजपेयी को लेकर उपेंद्र कुशवाहा ने यह भी कहा है कि अगर वो एनडीए में नहीं आते तो एनडीए का नुकसान होता है।
इधर चिराग का साथ छोड़ उपेंद्र कुशवाहा का हाथ पकड़ने वाले अरविंद कुमार वाजपेई ने कहा है कि उन्हें चिराग पासवान में क्षमता की कमी दिखी और उनके मान-सम्मान को ठेस पहुंचा इसलिए उन्होंने एलजेपी छोड़ दी। उन्होंने कहा कि वो अपने घर में वापस आए हैं।





