बिहार में कृषि सखी बहाली में धांधली का खेल, DAO और जीविका के अधिकारी आमने-सामने

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इस मामले को कृषि विभाग व जीविका के अधिकारी एक-दूसरे पर टाल रहे हैं। कृषि विभाग इसका ठीकरा जीविका पर फोड़ रहा है। वहीं, जीविका का कहना है कि उन्होंने नामों की अनुशंसा की थी। बहाली का काम कृषि विभाग का था। दोनों महिलाएं एक से दूसरे विभागों में चक्कर लगा रही हैं।

बिहार में कृषि सखी बहाली में धांधली का खेल, DAO और जीविका के अधिकारी आमने-सामने

राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन के तहत सभी प्रखंडों में पिछले साल दो-दो कृषि सखियों की बहाली की गयी है। इनका काम किसानों से आंकड़ा जुटाना और उन्हें प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करना था। जीविका की अनुशंसा पर कृषि विभाग द्वारा बहाली की जानी थी। इस बहाली में अब गड़बड़ी की आशंका सामने आ रही है। हरनौत प्रखंड की दो महिलाओं ने डीएम को आवेदन देकर जांच की मांग की है। इस मामले पर जिला कृषि पदाधिकारी व जीविका डीपीएम के विरोधाभाषी बयान देकर आमने-सामने आ गये हैं।

वहीं डीएम कुंदन कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आदेश दिया है।आवेदन के अनुसार जीविका की ओर से दोनों का चयन किया गया था। जीविका के प्रखंड परियोजना प्रबंधक ने दोनों के नामों की अनुशंसा कर पत्र प्रखंड कृषि कार्यालय को भेजा था। बाद में पता चला कि उनके स्थान पर किसी और की बहाली कर ली गयी है। यानि, जीविका की अनुशंसा की अनदेखी की गयी। जीविका के सूत्रों की मानें तो कई प्रखंडों से ऐसे मामले सामने आये हैं। जीविका की ओर से भेजे गये नामों को हटाकर अन्य की बहाली कर ली गयी।

क्या है आरोप

हरनौत के प्रेमलता देवी व मुन्नी देवी ने डीएम को बताया कि जीविका की ओर से उन्हें चुना गया था। बीपीएम ने पत्र देकर उन्हें सूचना दी थी। उन्होंने जिला कृषि कार्यालय में मिट्टी जांच की ट्रेनिंग भी ली। इसके बाद उन्हें किसानों की सूची तैयार करने का काम दिया गया। गांव-गांव घूमकर उन्होंने किसानों से जानकारी लेकर सूची बनायी। प्रखंड कृषि कार्यालय में इस जानकारी को कंम्प्यूटर पर अपलोड कराया। करीब तीन महीने तक उन्होंने काम किया। इसके बाद प्रखंड कृषि कार्यालय से बताया गया कि किसी दूसरे का चयन कर लिया गया है।

एक दूसरे पर टाल रहे कृषि विभाग-जीविका के अधिकारी

इस मामले को कृषि विभाग व जीविका के अधिकारी एक-दूसरे पर टाल रहे हैं। कृषि विभाग इसका ठीकरा जीविका पर फोड़ रहा है। वहीं, जीविका का कहना है कि उन्होंने नामों की अनुशंसा की थी। बहाली का काम कृषि विभाग का था। दोनों महिलाएं एक से दूसरे विभागों में चक्कर लगा रही हैं। डीएओ ने स्पष्ट रूप से कहा कि बहाली हो गयी है। अब इस मामले में कुछ नहीं हो सकता है। जानकार बताते हैं कि यह बात तय है कि कहीं न कहीं गड़बड़ी हुई है। गड़बड़ी किसने और क्यों की है, यह जांच का विषय है।

Nishant Nandan

लेखक के बारे में

Nishant Nandan
एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
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