
खाद व बीज बिक्री केंद्र खोलने के लिए विज्ञान केंद्र से मिलेगा डिप्लोमा प्रमाणपत्र
कृषि विज्ञान केंद्र के धनगाई फार्म में हुआ पीएम किसान सम्मान निधि का ऑनलाइन प्रसारण ग ग ग
बिक्रमगंज, निज संवाददाता। प्रधानमंत्री द्वारा बुधवार को तमिलनाडु के कोयम्बटूर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त जारी की गई। इस किस्त में पात्र किसानों के बैंक खातों में सीधे दो हजार ट्रांसफर किए जाने की घोषणा हुई। इसका सीधा प्रसारण कृषकों को दिखाया गया। इसके बाद बताया गया कि खाद व बीज बिक्री केंद्र की स्थापना के लिए डिप्लोमा सर्टिफिकेट की पढ़ाई केंद्र द्वारा फरवरी 2026 से कराई जाएगी। जिसमें किसान 28000 रुपये फीस देकर नामांकन करा सकते हैं। कार्यक्रम में औरंगाबाद के 40 व रोहतास जिले के बिक्रमगंज, संझौली व काराकाट प्रखंड के 360 किसानों ने भाग लिया।
इसके पहले कार्यक्रम का उद्घाटन कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान आरके जलज द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र सरसों की खेती के लिए अग्रिम पंक्ति समूह परियोजना के तहत बीज मुहैया करा रही है। जिसको गांव में सामूहिक स्तर पर लगाया जा सकता है। कार्यक्रम में डॉ. रमाकांत सिंह मृदा वैज्ञानिक ने महिला व पुरुष किसानों को प्राकृतिक खेती के प्लाट को दिखाया और इसमें लगने वाले सभी अवयव को बनाने की जानकारी दी। बताया कि एक एकड़ में धान की खेती प्राकृतिक तरीके से करने पर कम से कम पांच से छह हजार की बचत कर सकते हैं। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के अभिभाषण को सुनकर महिला व पुरुष कृषक गदगद हो गए। पीएम ने किसानों के लिए केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे सभी प्रयासों की चर्चा की। उद्यान वैज्ञानिक डॉ. रतन कुमार ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र अब उन्हें सब्जी के बीज व पौधे भी मुहैया कराएगी। उन्होंने पपीता की खेती करने पर चर्चा की। कहा शिमला मिर्च के पौधे केंद्र द्वारा जीविका दीदियों को दिए जाएंगे। बताया कि नए पौधों के निर्माण व सब्जी पौधशाला की उन्नत प्रभेद की जानकारी प्रशिक्षण बाद जीविका दीदियों को उपलब्ध करायी जाएगी। कार्यक्रम में केंद्र कर्मी एचपी शर्मा, प्रवीण कुमार, राकेश कुमार, नवीन कुमार इत्यादि उपस्थित थे।

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