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28 नवंबर, 2020|1:04|IST

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स्वास्थ्य मंत्री की नाकामी के खिलाफ माले ने किया प्रदर्शन

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नासरीगंज। एक संवाददाता

सूबे के स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ राज्यव्यापी कार्यक्रम के तहत भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने महादेवां, मौना, अतिमी, अमियावर, पैगा, कैथी आदि गांवों में धरना दिया। लोगों ने कोविड 19 के मद्देनजर ‌छोटे से लेकर बड़े अस्पतालों में उचित व्यवस्था उपलब्ध कराने में विफल स्वास्थ्य मंत्री की बर्खास्तगी व कोरोना की व्यापक जांच व इलाज की गारंटी की मांग की।

प्रखंड सचिव नंदकिशोर पासवान ने कहा कि पूरे बिहार में कोरोना का संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है। इलाज के अभाव में लोग बेमौत मर रहे हैं। लेकिन भाजपा-जदयू की सरकार चुनावी खेल में मस्त है। छह माह से कोरोना से जूझते हुए भी ना तो जांच व इलाज के लिए कोई सार्थक कदम उठाया और न ही रोजगार के लिए। लोगों ने कहा कि इससे ज्यादा शर्म की बात और क्या होगी कि खुद गृह विभाग के उपसचिव के मातहत उमेश रजक की मौत आईजीआईएमएस, एनएमसीएच व एम्स के बीच दौड़ा दौड़ा में हुई। इस तरह सहज ही सोंचा जा सकता है कि बीमार पड़ने पर आम आदमी की क्या हालत हो रही होगी। हाल ही में आरा में कोरोना जांच की लंबी लाइन में लगे पीरो के वीरेंद्र प्रसाद जमीन पर गिर गये और वहीं तड़प कर दम तोड़ दिया। बिहार में जांच देश के 19 राज्यों में सबसे नीचे है। अनुमंडल अस्पताल में जांच की व्यवस्था की गयी व इसे पीएचसी तक विस्तारित करने की बात सरकार ने की। लेकिन इसे लागू नहीं किया गया। लोगों ने आसीयू में बेडों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं किये जाने व निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च मरीजों पर छोड़ दिये जाने की निंदा करते हुए निजी अस्पतालों को सरकार के अधीनस्थ लिए जाने व मरीजों का इलाज सरकारी खर्च पर किये जाने की मांग की।

धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व कैसर नेहाल, मिथिलेश तिवारी, रामजी सिंह, नंद कुमार सिंह, रमेश पासवान, सुरेंद्र पासवान, सत्येंद्र बैठा, अशरफ खां, शिवधारी राम इत्यादि ने किया।

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  • Web Title:Male protests against Health Minister 39 s failure