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27 अक्तूबर, 2020|6:21|IST

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फाइल- आठ

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राजपुर। एक संवाददाता

संत शिरोमणि जीवन बाबा के मंदिर में पूर्णिमा के दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पूजन व हवन किया गया। मंदिर के पुजारी शांति कुंअर ने जीवन बाबा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीवन बाबा औघड़ेश्वर थे। उन्होंने मां दुर्गा से सिद्धि प्राप्त की थी। करीब 700 वर्ष पूर्व बनारस से बाबा कीना राम बाबा शेर की सवारी करते हुए सुबह में राजपुर आए थे। उस समय जीवन बाबा मिट्टी की दीवार पर बैठकर दातुन कर रहे थे। बाबा कीनाराम ने कहा कि मैं शेर का सवारी करता हूं। उनके इस वचन सुनकर जीवन बाबा ने मां दुर्गा को पुकारा। तब मिट्टी की दीवार चलने लगी। यह देखकर बाबा कीनाराम आश्चर्यचकित हो गए। जीवन बाबा के पैर पर गिर पड़े। तब से जीवन बाबा का पूजन होने लगा। आज भी प्रखंड क्षेत्र के अलावा अन्य क्षेत्र के लोग भी बाबा के दर्शन एवं पूजन करने के लिए राजपुर आते हैं। प्रत्येक माह की पूर्णिमा के दिन पूजा व हवन किया जाता है।