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3 जुलाई, 2020|2:58|IST

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अभिवंचित वर्ग के बच्चों की प्रतिपूर्ति राशि के फर्जीवाड़े की आशंका

जिले के निजी स्कूलों में शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के नाम पर शिक्षा विभाग से दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि में फर्जीवाड़े की आशंका जतायी गई है। जिले के अजीत कुमार सिंह के अभ्यावेदन पर मुख्यमंत्री ने मामले की जांच कराने का आदेश शिक्षा विभाग को दिया है। 

मुख्यमंत्री के निर्देश पर शिक्षा विभाग के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी सत्येन्द्र झा ने जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रेमचंद्र को पत्र भेज जिले में चल रहे निजी स्कूलों में पढ़ रहे अभिवंचित वर्ग के 25 प्रतिशत बच्चों के लिए दी जाने वाली प्रतिपूर्ति की राशि मामले की जांच कराने का निर्देश दिया है। 

आवेदन में आशंका व्यक्त की गई है कि जिले में प्रस्वीकृति प्राप्त करीब 350 निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत अभिवंचित वर्ग के बच्चों का नामांकन है या नहीं, कहीं ऐसा तो नहीं कि निजी विद्यालयों के संचालक फर्जी नामांकन के बदले अभिवंचित वर्ग के नाम पर प्रतिपूर्ति की राशि शिक्षा विभाग से प्राप्त कर ली हो और उनके स्कूल में उक्त वर्ग के बच्चों का नामांकन ही न हो। 

आवेदन में यह भी आशंका जाहिर की गई है कि निजी स्कूल के संचालक अभिवंचित वर्ग के नाम पर शिक्षा विभाग से भी प्रतिपूर्ति की राशि भी ले रहे हैं और बच्चों के अभिभावक से शुल्क भी वसूल रहे हैं। इस तरह की आशंका की बिंदुवार जांच करवाने के लिए राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने डीईओ को कहा है। उन्होंने जांच कराने का निर्देश देते हुए पत्र में कहा है कि उक्त मामले की रिपोर्ट मुख्यमंत्री सचिवालय को उपलब्ध कराएं।

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  • Web Title:Fear of fraudulent reimbursement of children of disadvantaged category