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पैथोलॉजी लैब के मामले में गजट का अनुपालन करने का आदेश

(पेज चार की संभावित लीड)

स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव ने गजट के साथ जारी किया निर्देश

आदेश के बाद जिले के लैब संचालकों को राहत मिलने की उम्मीद

सासाराम। निज प्रतिनिधि

हाई कोर्ट के आदेश के बाद जिले मे बंद हुए कई पैथोलॉजी लैबों को फिर से चालू होने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव ने पत्र लिखकर पैथोलॉजी लैबों को केंद्र सरकार की मई 2018 के गजट के अनुसार संचालित कराने का निर्देश दिया है। भारत सरकार के गटज में तीन तरह के पैथोलॉजी लैबों को मान्यता दी गई है। बेसिक लैबों में एमडी व एमबीबीएस की डिग्री धारकों की सेवा को अनिवार्य नहीं वांछनीय बताया गया है। जबकि कोर्ट के आदेश के बाद एमडी डिग्री धारकों की सेवाए नहीं लेने वाले सभी लैबों को बंद करा दिया गया था।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई जांच में जिले में मात्र 14 लैब ही मानक के अनुरुप मिले। जबकि जिले में कुल लैबों की संख्या 99 हैं। विभाग ने कुछ दिन पूर्व जिले के कुल 85 लैबों को बंद करने की नोटिस दी थी।

क्या कहता है गजट

भारत सरकार ने वर्ष 2012 में पैथोलॉजी लैबों के संचालन के लिए नियम अधिभारित किया था। उसके बाद प्रभावित पक्ष द्वारा इसका विरोध होने लगा। बाद में वर्ष 2017 में इसमें संशोधन करने के लिए सरकार ने प्रभावित पक्ष से अपनी राय मांगी थी। प्रभावित पक्ष की राय पर किए गए संधोधन को भारत सरकार ने मई 2018 के अपने गजट में प्रकाशित किया। गजट के अनुसार पैथोलॉजी लैब व डायग्नोस्टिक सेंटरों को तीन भाग में वर्गीकृत कर प्रत्येक के लिए अलग अलग मानक बनाए गए हैं। पहला बेसिक लैबों के संचालन के लिए एमबीबीएस या एमडी डिग्री धारको की सेवाए आवश्यक नहीं है। गजट में बेसिक लैबों के लिए इन डिग्री धारकों की सेवाओं को वांछनीय बताया गया है। बेसिक लैबों में होने वाली जांच की रिपोर्ट पर एमबीबीएस व एमडी का हस्ताक्षर अनिवार्य नहीं है। जब इन जांच रिपोर्ट की विवेचना की जरूरत पड़ेगी। उस स्थिति में इन डिग्री धारकों की सेवा आवश्यक होगी। जबकि मध्यम व उन्नत प्रकार के लैबों व डायग्नोस्टिक सेंटरों की जांच रिपोर्ट पर एमबीबीएस व एमडी डिग्री धारकों का हस्ताक्षर आवश्ययक है।

पैथोलॉजी संचालकों में खुशी

स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव के आदेश के बाद पैथोलॉजी संचालकों में खुशी है। आदेश के बाद बुधवार को दिन भर लैब संचालक उसके प्रारूप को लेकर ऊपापोह की स्थिति में रहे। सीएस को कार्यालय से बाहर रहने के कारण आदेश के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिल सकी। सूत्रों की मानें तो आदेश की जानकारी होने के बाद कई पैथोलॉजी केन्द्रों की जांच भी की गई।

कहते हैं अधिकारी

सभी प्राचार्य, अधीक्षक व सीएस को भारत सरकार के गजट मई 2018 के अनुसार पैथोलॉजी लैबो व डायग्योनोस्टिक सेंटरों को संचालन कराने का आदेश दिया गया है।

राधे श्याम साह, विशेष सचिव स्वास्थ्य विभाग पटना

फोटो नंबर-15

कैप्शन- सिविल लाइन स्थित बंद पड़ा पैथलॉजी लैब।

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