करगहर में महिला ने चार बच्चों के साथ की आत्मदाह का प्रयास
करगहर, प्रखंड परिसर में एक 80 वर्षीय महिला ने चार बच्चों के साथ आत्मदाह का प्रयास किया। महिला ने कहा कि उसके बेटे और बहू की मौत के बाद बच्चों की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। अनुदान न मिलने और भूख से परेशान होकर उसने आत्मदाह का निर्णय लिया। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचा लिया।

करगहर, एक संवाददाता। प्रखंड परिसर में गुरुवार को 80 वर्षीया वृद्धा ने साड़ी में आग लगाकर चार मासूम पोतों के साथ आत्मदाह करने का प्रयास की। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने आत्मदाह के प्रयास को विफल किया। आत्मदाह की खबर से प्रखंड परिसर में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया था। वहीं आग में जलने के डर से बच्चे चित्कार रहे थे और लोग उन्हें जबरन बाहर खींच रहे थे। इस दृश्य को देख लोगों की आंखें नम हो गईं थी। हैरत की बात यह रही कि प्रखंड परिसर में उपस्थित बीडीओ, पुलिस बल और कर्मी घटना को देखकर लाइव वीडियो बनाते रहे। लेकिन किसी ने आगे बढ़कर मदद करने की कोशिश नहीं की।
महिला की स्थिति
प्रखंड क्षेत्र के अमवलिया निवासी वृद्ध सुहागिनी कुंवर ने बतायी कि गत ढाई वर्ष पूर्व उसकी बहू और बेटे की असामयिक मौत हो गई थी। जिससे उनके चारों मासूम बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया है। बताया कि 8 वर्षीय टप्पू मुसहर, 6 वर्षीय अमरजीत मुसहर, चार वर्षीया प्रीति कुमारी तथा डेढ़ वर्षीया प्रतिमा कुमारी की सुधि लेने वाला कोई नहीं है। अनुदान ही एक सहारा था, जो आज तक नहीं मिला। कार्यालय का चक्कर लगाकर वह थक चुकी है। भूख से रोते बिलखते बच्चों के आंसू सूख चुके हैं। भीख मांगना ही एकमात्र सहारा है। बहू व बेटे के मौत के समय भी कबीर अंत्येष्टि की राशि नहीं दी गई। मजबूरी में बेटा और बहू के शव को पुरानी साड़ी में लपेटकर अंतिम संस्कार किया था।
सहायता के लिए प्रयास
कबीर अंत्येष्टि और पारिवारिक लाभ योजना की राशि लेने के लिए जिला से प्रखंड कार्यालयों का चक्कर लगा रही हूं। लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। मुखिया, बीडीओ और जिला के पदाधिकारियों को दोनों योजनाओं की राशि भुगतान के लिए आवेदन पत्र देकर थक चुकी हूं। लेकिन किसी ने नहीं सुनी। चार बच्चों की परवरिश और भोजन के अभाव से रो रहे बच्चों का दर्द सह नहीं पाई तो मैंने आत्मदाह का निर्णय लिया। बतायी कि गत तीन अप्रैल को बीडीओ को आवेदन देकर एक सप्ताह के अंदर आत्मदाह करने का आवेदन पत्र दिया था। जब कोई कार्रवाई नहीं की गई, तब मैंने यह निर्णय लिया। बीडीओ अजीत कुमार ने बताया कि मामला काफी पुराना है। फाइल देखकर कबीर अंत्येष्टि और पारिवारिक लाभ योजना की राशि भुगतान कराया जाएगा। जब पूछा गया कि आवेदन देने के बाद भी इतना विलंब कैसे हुआ। इस पर उन्होंने कहा कि रिपोर्ट आने में विलंब हुआ है। (प्रस्तूति- करगहर से तेजनारायण पांडेय)
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