
राष्ट्रीय एकीकरण में लौह पुरुष के योगदान विषय पर परिचर्चा
(युवा पेज) त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आजादी की लड़ाई में उनकी सक्रियता को भुलाया नहीं जा सकता। कहा कि उस दौरान वीर सेनानियों के
करगहर, एक संवाददाता। सच्चिदानंद महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तहत बुधवार को एसएन कॉलेज शाहमल खैरा में राष्ट्रीय एकीकरण में सरदार वल्लभ भाई पटेल के योगदान विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। उद्घाटन प्राचार्य प्रो. डॉ. आजरा परवीन ने किया। इस अवसर पर छात्राओं ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम पेश कीं। प्राचार्य ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश के एकीकरण में बड़ी भूमिका निभाते हुए 565 रियासतों को भारत में विलय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आजादी की लड़ाई में उनकी सक्रियता को भुलाया नहीं जा सकता। कहा कि उस दौरान वीर सेनानियों के लिए यह राष्ट्रीय गीत एक मूल मंत्र था।
यह एक ऐसा तराना था, जो संपूर्ण भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का प्रतीक बन गया। एनएसएस के कार्यक्रम समन्वयक प्रो. राकेश रौशन ने राष्ट्रीय सेवा योजना के बारे में जानकारी दी। परिचर्चा में इतिहास के विभागाध्यक्ष प्रो. विकास कुमार, डॉ. राजेश्वर प्रसाद,प्रो. श्याम नंदन प्रसाद, प्रो. विकास कुमार, प्रो. संतोष कुमार,डॉ. राजेश कुमार विश्वकर्मा, प्रो. पारुल कुमारी,प्रो. जीतेंद्र कुमार, डॉ. उमेश कुमार वर्मा, डॉ. तपसी कुमार, डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह, डॉ. संजय कुमार, डॉ. अनिमेष शेखर, डॉ. राजेश प्रसाद, प्रो. रवि चंदन कुमार, अंबुज कुमार सिंह, ब्रजेश कुमार के अलावे छात्र पप्पू कुमार, शिल्पी कुमारी, प्रीति कुमारी आदि थीं।

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