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1 अगस्त, 2020|9:33|IST

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डालमियानगर हाईस्कूल परिसर बना चारागाह

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डेहरी एक संवाददाता

कोरोना संक्रमण को लेकर विगत पांच माह से बंद सरकारी विद्यालय अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहे हैं। संक्रमण से बचाव के लिए गत 22 मार्च से ही प्रखंड के सभी प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को बंद कर दिया गया है। तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए फिलहाल इन विद्यालयों के खुलने पर कोई उम्मीद दिखाई नहीं दे रही है। जब तक संक्रमण पर नियंत्रण स्थापित नहीं किया जाता तब तक विद्यालय को बंद रखा जाएगा। ऐसे में बंदी के कारण विद्यालय परिसर चारागाह बन गया है। विद्यालय परिसर में पशु ही दिखाई दे रही हैं। शहर का प्रतिष्ठित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डालमियानगर की हाल तो बेहाल है। विद्यालय बंद होने के बाद इस परिसर में प्रशासन के द्वारा क्वारंटाइन सेंटर खुले गए थे। क्वारंटाइन सेंटर को अब बंद कर दिया गया है। विद्यालय की देखरेख करने वाला कोई नहीं है। हालांकि सरकार के द्वारा छात्रों को विद्यालय आने से मना किया गया है वहीं शिक्षकों को विद्यालय आने की अनुमति दी गई है। इस विद्यालय में पदस्थापित शिक्षक महीनों से नहीं आ रहे हैं और ना हीं इस विद्यालय की देखरेख करने वाला कोई प्रहरी ही है। इसी विद्यालय परिसर में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी का कार्यालय और कस्तूरबा गांधी विद्यालय भी है। विद्यालय का मुख्य द्वार खुला रहने के कारण दर्जनों की संख्या में पशु प्रवेश कर जाती हैं और परिसर में लगाए गए पौधों एवं फूलों को चर जाती है।

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सुरेश प्रसाद ने बताया कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक को मुख्य द्वार पर ताला लगा कर रखना है। पशु व बाहरी व्यक्ति की प्रवेश वर्जित करने का आदेश दिया गया है।

फोटो नंबर-8

कैप्शन- डालमियानगर हाई स्कूल परिसर में घास चरती पशुएं।

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  • Web Title:Dalmianagar High School campus becomes pasture