खुखमा घाटी सड़क जर्जर, पहाड़ी गांवों का संपर्क टूटा, ग्रामीणों में बढ़ी नाराजगी

हिन्दुस्तान, सासाराम
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(पेज पांच) वहीं आज पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार इस सड़क के माध्यम से नौहट्टा, चुटिया

खुखमा घाटी सड़क जर्जर, पहाड़ी गांवों का संपर्क टूटा, ग्रामीणों में बढ़ी नाराजगी

नौहट्टा, एक संवाददाता। प्रखंड के पहाड़ी क्षेत्र को मैदानी इलाकों से जोड़ने वाली खुखमा घाटी सड़क वर्षों से जर्जर अवस्था में पड़ी है। सड़क की बदहाली के कारण पहाड़ी गांवों के लोगों का आवागमन कठिन हो गया है। स्थिति यह है कि जहां करीब तीन दशक पहले इस मार्ग पर छोटी-बड़ी गाड़ियां आसानी से चलती थीं, वहीं आज पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार इस सड़क के माध्यम से नौहट्टा, चुटिया बाजार तथा कैमूर पहाड़ी क्षेत्र के कई गांवों का सीधा संपर्क बना रहता था।

सड़क की मरम्मत की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मरम्मत कर इसे पुनः चालू कर दिया जाए तो बरकट्टा, सलमा, आथन, अधौरा तथा गुप्ताधाम सहित सैकड़ो पहाड़ी क्षेत्र का गांव का संपर्क सुगम हो जाएगा। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में भी लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी। वर्तमान में लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रशासन से अविलंब सड़क निर्माण एवं मरम्मत की मांग की है। उनका कहना है कि यह इलाका वन संपदा और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है, लेकिन सड़क की बदहाली के कारण विकास की गति थम गई है।

जनप्रतिनिधियों की पहल

खुखमा घाटी सड़क के निर्माण को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को आवेदन सौंपा जा चुका है। मुखिया अरुण चौबे, बबलू पाठक और राजेश्वर प्रसाद ने पूर्व मंत्री नितिन नवीन को पटना में आवेदन देकर सड़क निर्माण की मांग की थी। वहीं दो वर्ष पूर्व एमएलसी प्रतिनिधि भानु मिश्र, अरुण चौबे और बबलू पाठक ने मंत्री प्रेम कुमार को भी आवेदन सौंपा था। पिछले वर्ष जिलाधिकारी उदिता सिंह की समीक्षा बैठक में भी जिप सदस्य सुदामा राम, मुखिया नासरीन जहां कौशल्या देवी आदि ने खुखमा घाटी के जीर्णोद्धार का मुद्दा उठाया गया था। उस समय संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने पहल का आश्वासन दिया था। लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।

सड़क के महत्व में वृद्धि

ग्रामीणों का कहना है कि पंडुका पुल के निर्माण के बाद खुखमा घाटी सड़क का महत्व और बढ़ जाएगा। इस मार्ग के चालू होने से चुटिया से सासाराम की दूरी लगभग 100 किलोमीटर से घटकर 30 किलोमीटर रह जाएगी। जबकि वाराणसी की दूरी करीब 300 किलोमीटर के बजाय 90 किलोमीटर हो जाएगी। इस संबंध में रेंजर शशीभूषण चौहान ने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर फिलहाल कोई पहल नहीं हुई है। विभागीय दिशा-निर्देश प्राप्त होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सामान्य प्रश्न

खुखमा घाटी सड़क की स्थिति क्या है?
खुखमा घाटी सड़क वर्षों से जर्जर अवस्था में पड़ी है, जिससे पहाड़ी गांवों के लोगों का आवागमन कठिन हो गया है।
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