DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

लापरवाह एक दर्जन सीडीपीओ से मांगा स्पष्टीकरण

योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने के आरोप में मांगा स्पष्टीकरण

परिवरिश योजना में कार्य बेहतर नहीं करने वाली सीडीपीओ पर गिरेगी गाज

सासाराम। हिन्दुस्तान संवाददाता

कार्य में लापरवाही बरतने वाली जिले के एक दर्जन बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कहा जाता है कि जिला प्रोग्राम पदाधिकारी सुनीता ने समीक्षा बैठक में पाया कि अधिकांश बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों द्वारा योजनाओं के प्रति रूचि नहीं ली जा रही है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि ऐसे लापरवाह बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों पर गाज गिर सकती है।

जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने बताया कि अभी नियमानुसार स्पष्टीकरण मांगा गया है। उसके बाद वेतन बंद करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी कार्य में तेजी के साथ लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हुई तो अनुशासनिक कार्रवाई के लिए विभाग को भेजा जाएगा। परिवरिश योजना में पांच से कम रहने पर सीडीपीओ को तलब किया गया है। इसमें डेहरी, शिवसागर, चेनारी समेत कुल बारह बाल विकास परियोजना पदाधिकारी शामिल हैं। डीपीओ ने बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को हिदायत देते हुए कहा कि आंगनबाड़ी सेविका की बहाली में पादर्शित लाएं। जिले के लगभग सभी प्रखंडों में आंगनबाड़ी सेविका की बहाली में विवाद खड़ा कर दिया गया है। सबसे अधिक दिनारा व कोचस प्रखंड में आंगनबाड़ी सेविका बहाली का मामला विवाद में है। इसमें भी सीडीपीओ की लापरवाही है।

उन्होंने सेविका बहाली में विवाद से बचने का निर्देश दिया है। पर्यवेक्षिकाओं को भी निष्पक्ष बहाली कराने की सख्त हिदायत दी है। विदित हो कि जिले के अधिकांश प्रखंडों में सेविका बहाली के दौरान विवाद है। पर्यवेक्षिकाओं द्वारा सेविका बहाली के नाम पर राशि उगाही की जा रही है। करगहर की पर्यवेक्षिका फरजना परवीन द्वारा सेविका बहाली के नाम पर राशि की डिमांड की गई थी। उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर जिलाधिकारी ने चयन मुक्त कर दिया है। वहीं करगहर के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी कार्यालय में कार्यरत प्रधान सहायक को भी निलंबित किया गया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: