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12 शिक्षकों की प्रोन्नति को डीपीओ ने किया निरस्त

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12 पंचायत शिक्षकों को नियम के विरूद्ध बीडीओ ने की थी प्रोन्नति

अमान्य संस्थानों से प्रमाणपत्र वाले शिक्षकों की सूची की हुई है मांग

सासाराम। हिन्दुस्तान प्रतिनिधि

जिला के बिक्रमगंज अनुमंडल के विभिन्न विद्यालयों में सेवारत नियोजित प्रखंड व पंचायतों के शिक्षकों की प्रोन्नति को शिक्षा विभाग द्वारा निरस्त कर दिया गया है। डीपीओ स्थापना ने इस संबंध में नियमानुकूल प्रोन्नति नहीं दिए जाने को लेकर बिक्रमगंज के बीडीओ को पत्र लिखा है। जिसमें उपरोक्त 12 शिक्षकों के प्रोन्नति संबंधित आदेश को निरस्त करते हुए एक सप्ताह के अंदर प्रतिवेदन शिक्षा विभाग को भेजने का निर्देश दिया है। नियमानुसार प्रोन्नति नहीं होने की स्थिति में डीपीओ ने प्रोन्नति को निरस्त किया है। बिक्रमगंज में प्रोन्नति निरस्त होने के बाद जिले के कई प्रखंडों में नियोजन इकाईयों द्वारा प्रमोशन की तैयारियों पर ब्रेक लग गया है।

विभाग से ही शिक्षकों के प्रोन्नति पर लगी है रोक

शिक्षा विभाग ने राज्य भर में नियोजित शिक्षकों के फर्जी प्रमाण पत्रों को लेकर उनकी प्रोन्नति पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है। लेकिन बिक्रमगंज की प्रखंड नियोजन इकाई ने नियमों को ताक पर रख जुलाई माह में ही 12 नियोजित प्रखंड व पंचायत शिक्षकों की प्रोन्नति कर दी गई। जिस पर शिक्षा विभाग ने कड़ा एतराज जताया है। डीपीओ स्थापना ने बिक्रमगंज नियोजन इकाई के सचिव प्रखंड विकास पदाधिकारी को प्रोन्नति निरस्त करने का फरमान जारी करते हुए एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा विभाग के निदेशक के प्रमोशन के संबंध में जारी पत्र का हवाला देते हुए कहा कि नियोजित शिक्षकों के प्रोन्नति पर रोक है। इसके बावजूद प्रोन्नति कर दी गई, जो नियमानुकूल नहीं है। बिक्रमगंज में 12 नियोजित शिक्षकों की प्रोन्नति निरस्त किए जाने के बाद फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नियोजित हुए शिक्षकों में भय का माहौल कायम है।

अमान्य संस्थानों से प्रमाणपत्रों की सूची की है तलब

डीपीओ स्थापना ने जिले के सभी 19 प्रखंडों के बीईओ को पत्र लिख फर्जी संस्थानों से डिग्री हासिल किए शिक्षकों की सूची तलब की है। गौरतलब है कि जिला शिक्षा विभाग द्वारा पूर्व में छह बार पत्र जारी कर बीईओ से अमान्य संस्थानों के प्रमाणपत्रों पर नियोजित हुए शिक्षकों की सूची मांगी गई थी। लेकिन डीईओ-डीपीओ के बार-बार पत्र भेजने के बाद भी बीईओ द्वारा वैसे शिक्षकों की सूची विभाग को अप्राप्त है। जिसे लेकर डीपीओ ने पूर्व में जारी सभी छह पत्रों का हवाला देते हुए कड़ा पत्र जारी करते हुए कहा है कि एक सप्ताह के अंदर अमान्य संस्थाओं के प्रमाणपत्रों के सहारे नियोजित हुए शिक्षकों की सूची मुख्यालय को उपलब्ध कराया जाए। ताकि वैसे शिक्षकों की सेवा समाप्ति सहित अन्य अग्रेतर कार्रवाई की जा सके। डीपीओ ने पत्र में बीईओ को निर्देशित किया है कि सूची नहीं भेजे जाने की स्थिति में यदि कहीं से फर्जी प्रमाण पत्रों वाले शिक्षक नजर में आते हैं तो वहां के बीईओ पर कार्रवाई होगी।

क्या कहते हैं अधिकारी

राज्य मुख्यालय से नियोजित शिक्षकों की प्रोन्नति पर रोक लगी है। ऐसी स्थिति में बिक्रमगंज प्रखंड नियोजन इकाई द्वारा 12 पंचायत-प्रखंड शिक्षकों को प्रोन्नति दी गई है। जिसे निरस्त करने का निर्देश दिया गया है। सभी बीईओ से अमान्य संस्थाओं के प्रमाणपत्रों के सहारे नियोजित हुए शिक्षकों की सूची मांगी गई है।

देवेश चौधरी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, स्थापना, रोहतास।

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