
पप्पू यादव से लड़कर हारे, साथ मिला तो भी हारे; संतोष कुशवाहा और बीमा की गजब कहानी
लोकसभा चुनाव के दौरान लालू यादव और तेजस्वी यादव को खुली चुनौती देकर पूर्णिया से राजद कैंडिडेट बीमा भारती को हराकर निर्दलीय जीते पप्पू यादव का समर्थन भी महागठबंधन को पूर्णिया जिले में एक सीट नहीं जिता सका।
सीमांचल और कोसी में प्रभाव रखने वाले पूर्णिया के निर्दलीय सांसद और कांग्रेस नेता पप्पू यादव से लड़कर लोकसभा में हारे दो नेता संतोष कुशवाहा और बीमा भारती पप्पू का समर्थन मिलने के बाद भी विधानसभा का चुनाव हार गए। बड़े-बड़े दावे करने वाले पप्पू यादव के पूर्णिया जिले की 7 में 7 सीट पर महागठबंधन का सूपड़ा साफ हो गया। नीतीश कुमार और असदुद्दीन ओवैसी ने यहां ऐसा माहौल बांधा कि 5 सीट एनडीए जीत गई और 2 सीट पर एआईएमआईएम कैंडिडेट निकल गया। संतोष कुशवाहा धमदाहा में कद्दावर जेडीयू नेता लेशी सिंह से हार गईं तो जेडीयू के कलाधर मंडल ने बीमा भारती को राज्य के सबसे बड़े अंतर से रूपौली में हरा दिया। पप्पू यादव ने दोनों के लिए खूब प्रचार किया था। संतोष को तो वो बुलेट पर बिठाकर घूमते भी दिखे थे।
पूर्णिया लोकसभा के अंदर पूर्णिया जिले की 5 और कटिहार जिले की 1 सीट आती है। 2024 के लोकसभा चुनाव में इन छह में चार सीट पर पप्पू यादव ने लीड ली थी। रूपौली और धमदाहा में तब जेडीयू के कैंडिडेट रहे संतोष कुशवाहा ने बढ़त बनाई थी। लोकसभा हारने के बाद कुशवाहा धमदाहा से विधानसभा लड़ने के लिए जेडीयू छोड़कर चुनाव से ठीक पहले तेजस्वी यादव के पास राजद में चले गए। राजद ने लड़ाया भी लेकिन लेशी सिंह ने 55159 वोट के बड़े अंतर से उनको परास्त कर दिया। पूरे बिहार में सबसे बड़े अंतर से जीत के मामले में ये विजय आठवें नंबर पर है। कुशवाहा पहली बार 2010 में भाजपा के टिकट पर विधायक बने थे। 2014 और 2019 में संतोष जेडीयू के टिकट पर पूर्णिया से लोकसभा जीते।
पूर्णिया से लोकसभा लड़ने के लिए जेडीयू छोड़कर आरजेडी में आईं बीमा भारती की तो लगातार ही दुर्गति हो रही है। रूपौली सीट से पांच बार विधायक रह चुकीं बीमा भारती लगातार तीसरी बार बार गई हैं। लोकसभा में पप्पू यादव के खिलाफ लड़ीं लेकिन महागठबंधन और तेजस्वी यादव के ताकत झोंकने के बाद भी 27 हजार वोट लाकर जमानत जब्त करा बैठीं। रूपौली में उप-चुनाव हुआ तो निर्दलीय शंकर सिंह ने हरा दिया। अब चुनाव हुआ तो जेडीयू के कलाधर मंडल ने 73572 वोट के अंतर से धूल चटा दी है। बीमा भारती इस चुनाव में सबसे बड़े अंतर से हारी कैंडिडेट हैं।





