जदयू ने ये चार विभाग बीजेपी से लिया, 29 में नये मंत्री, 19 में पुराने चेहरे रिपीट; सम्राट ने साधा संतुलन
शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग पहले जदयू के पास था पर अब यह भाजपा के पास चला गया है। इसी तरह स्वास्थ्य और आपदा विभाग भाजपा से जदयू के पास चला गया है। यही नहीं, बदले गए इन सारे विभागों में नए मंत्री बनाए गए हैं।

Bihar Cabinet: एनडीए की नई सरकार में भाजपा और जदयू के बीच चार विभागों की अदला-बदली हुई, जबकि एनडीए के तीन अन्य सहयोगी दलों के सभी चार पुराने विभाग ही रह गए। उनके मंत्री भी वही रह गए हैं, जो पिछली नीतीश सरकार में थे। शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन में बदलाव हुआ है। इन बदलावों से सीएम सम्राट चौधरी ने सरकार में संतुलन साधने की कवायद की है।
शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग पहले जदयू के पास था पर अब यह भाजपा के पास चला गया है। इसी तरह स्वास्थ्य और आपदा विभाग भाजपा से जदयू के पास चला गया है। यही नहीं, बदले गए इन सारे विभागों में नए मंत्री बनाए गए हैं। एनडीए के सहयोगी दलों रालोमो के पास पंचायती राज, जबकि हम (से.) के पास लघु जल संसाधन विभाग और लोजपा (आर) के पास पहले की तरह गन्ना उद्योग व लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग रह गया। इन विभागों के मंत्रियों में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। सात मंत्रियों को पहली बार जिम्मेवारी मिली है, जबकि 29 विभागों को नए मंत्री मिले। इन विभागों में पिछली बार के मंत्रियों की जिम्मेवारी बदल गई है।19 विभागों को पहले वाले मंत्री मिले। उन्हें फिर से उन विभागों की जिम्मेवारी सौंपी गयी है।
रिकॉर्ड : 22 वर्षों तक ऊर्जा मंत्री रहे बिजेन्द्र यादव
बिजेन्द्र यादव 22 वर्षों तक ऊर्जा मंत्री रहे। यह रिकॉर्ड है। वे 1991 से 1995 तक लालू सरकार में ऊर्जा राज्यमंत्री बनाए गए। 2005 में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी पहली एनडीए सरकार में ऊर्जा मंत्री की जिम्मेवारी सौंपी गयी थी। उसके बाद से वे 2008 में ढाई वर्षों के लिए जल संसाधन विभाग में गए। फिर से 2010 में ऊर्जा मंत्री बनाए गए। 2014 में जीतन राम मांझी सरकार में नौ महीना ऊर्जा मंत्री नहीं रहे पर 2015 में वे फिर से ऊर्जा मंत्री बनाए गए। उसके बाद से वे लगातार ऊर्जा मंत्री की जिम्मेवारी निभाते रहे। नए विस्तार में ऊर्जा विभाग नए मंत्री बुलो मंडल को दिया गया है।
सबसे पहले श्रवण कुमार व आखिर में दीपक ने शपथ ली
समारोह के दौरान सबसे पहले श्रवण कुमार ने शपथ ली। इसके बाद विजय कुमार सिन्हा, डॉ दिलीप कुमार जायसवाल, निशांत कुमार, लेशी सिंह, रामकृपाल यादव, नीतीश मिश्रा, दामोदर रावत, संजय सिंह टाईगर, अशोक चौधरी, श्रीभगवान सिंह कुशवाहा, अरुण शंकर प्रसाद, मदन सहनी, डॉ संतोष कुमार सुमन, रमा निषाद, रत्नेश सदा, कुमार शैलेन्द्र, शीला कुमारी, केदार प्रसाद गुप्ता, लखेन्द्र कुमार रौशन, सुनील कुमार, श्रेयसी सिंह, मो जमा खान, नंदकिशोर राम, शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, डॉ प्रमोद कुमार, श्वेता गुप्ता, मिथिलेश तिवारी, डॉ रामचंद्र प्रसाद, संजय कु. सिंह, संजय कुमार और आखिर में दीपक प्रकाश ने शपथ ली।
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लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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