हड़ताली पंचायत सचिवों को सैलरी कट की चेतावनी, सरकार बोली- काम पर लौटेंगे, तो मांगों पर फैसला होगा
बिहार में हड़ताल पर गए पंचायत सचिवों को सरकार ने काम पर लौटने को कहा है। पंचायती राज विभाग ने बुधवार को हड़ताली कर्मियों से कहा कि वे तुरंत बिना शर्त के काम पर लौट जाएं। अन्यथा उनका वेतन स्थगित कर दिया जाएगा।

बिहार में बीते एक महीने से अधिक समय से हड़ताल कर रहे पंचायत सचिवों से राज्य सरकार ने काम पर लौटने की अपील की है। साथ ही उन्हें चेतावनी दी गई है कि अगर वे हड़ताल खत्म नहीं करेंगे, तो नो वर्क नो पे के आधार पर उनका वेतन स्थगित (सैलरी कट) कर दिया जाएगा। पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने बुधवार को हड़ताली पंचायत सचिवों से तुरंत कार्य पर वापस लौटने को कहा। उनसे बिना शर्त हड़ताल खत्म करने की अपील की गई है।
पंचायती राज विभाग के सचिव ने कहा कि अगर पंचायत सचिव बिना शर्त हड़ताल खत्म करते हैं, तो उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक पहल करेगी और नियमानुसार फैसला लेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग उनके द्वारा उठाई गई मांगों पर विचार-विमर्श कर रहा है। पंचायत सचिवों के हड़ताल पर जाने से जनता के काम अटक रहे हैं। जनहित में पंचायत के विकास कार्य के संचालन के लिए पंचायत सचिवों को हड़ताल खत्म करनी चाहिए।
पंचायतों में वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश
दूसरी ओर, पंचायत सचिवों की हड़ताल से जनता के कार्यों में बाधा उत्पन्न ना हो, इसके लिए सरकार ने वैकल्पिक उपाय अपनाने को कहा है। इस संबंध में पंचायती राज सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है। इसमें पंचायत सचिवों के कार्यों को पूरा करने के लिए दूसरे कर्मियों की ड्यूटी लगाने या अन्य वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
8 अप्रैल से हड़ताल पर पंचायत सचिव
बता दें कि राज्य भर के पंचायत सचिव बीते 8 अप्रैल को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे। इससे पंचायतों में विकास कार्य ठप हो गए थे। साथ ही गांवों में राशन कार्ड बनाने, उसमें सुधार कराने, अन्य प्रमाण पत्र बनवाने आदि जैसे जनता के काम भी अटक गए। पंचायत सचिव गृह जिले में पोस्टिंग करने, ग्रेड पे बढ़ाने, यात्रा भत्ता देने, प्रमोशन की उम्र सीमा 56 साल को खत्म करने जैसी मांग कर रहे हैं।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


