बिहार पुलिस में बड़ा बदलाव करने जा रही सम्राट सरकार, फिर से लागू होगी 7 साल पुरानी व्यवस्था
बिहार पुलिस में साल 2019 तक लागू रही जोनल व्यवस्था को फिर से लाने की तैयारी की जा रही है। इसकी प्रक्रिया पूरी कर लगी गई है। जल्द ही इसकी अधिसूचना जारी की जा सकती है।

सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार बिहार पुलिस में बड़ा बदलाव करने जा रही है। इसके तहत पुरानी जोनल व्यवस्था को फिर से लागू किया जाएगा, जिसे 7 साल पहले खत्म कर दिया गया था। इसके बाद राज्य में फील्ड पुलिसिंग को अलग-अलग रेंज में बांटा गया था। अब फिर से बिहार के 12 पुलिस रेंज को जोन में बांट दिया जाएगा। फील्ड पुलिसिंग को सुदृढ़ करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। इसकी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
जोनल सिस्टम फिर से लागू करने को लेकर पुलिस मुख्यालय से प्रस्ताव तैयार कर गृह विभाग को भेजा गया था जिसे मंजूरी मिलने की बात कही जा रही है। बहुत जल्द इसे लागू कर दिया जाएगा। नई व्यवस्था में पहले की तरह ही चार जोन बनाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, उसमें कुछ सुधार की भी संभावना है।
अभी हैं 12 पुलिस रेंज
बिहार पुलिस में बड़ा बदलाव जुलाई 2019 में किया गया था, तब 4 जोन को खत्म कर सिर्फ रेंज रहने दिया गया था। बेगूसराय को नया रेंज बनाकर तत्कालीन 11 रेंज को बढ़ाकर 12 कर दिया गया था। वर्तमान रेंज के जिलों की बात करें तो पटना रेंज में पटना और नालंदा, मगध रेंज में गया, नवादा, औरंगाबाद, जहानाबाद और अरवल जिले शामिल हैं। भागलपुर रेंज में भागलपुर, बांका और नवगछिया पुलिस जिला शामिल है।
वहीं, तिरहुत रेंज में मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर और वैशाली जिले आते हैं। कोसी रेंज में सहरसा, सुपौल और मधेपुरा हैं। पूर्णिया रेंज में पूरा सीमांचल यानी पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज जिले आते हैं। मुंगेर रेंज में मुंगेर, जमुई, लखीसराय और शेखपुरा, तो बेगूसराय रेंज में बेगूसराय एवं खगड़िया जिले शामिल हैं। इन सभी रेंज में आईजी रैंक के अधिकारियों की तैनाती की जाती है।
2019 से पहले थे 4 जोन
बिहार पुलिस में जोन की व्यवस्था 37 साल तक चली। 1982 में जोनल सिस्टम को लागू किया गया था। कुल चार जोन बनाए गए थे। पटना, भागलपुर, कोसी और तिरहुत जोन हुआ करते थे। जुलाई 2019 तक यही व्यवस्था थी और कुल 11 रेंज को तत्कालीन चार जोन में बांटा गया था। रेंज में डीआईजी जबकि जोन में आईजी बैठते थे। तत्कालीन भागलपुर जोन की बात करें तो उस समय इस जोन में भागलपुर और मुंगेर रेंज के 9 जिले शामिल थे। भागलपुर के अंतिम आईजी विनोद कुमार थे।
(भागलपुर से अमित चौधरी की रिपोर्ट)
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Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


