बिहार के इन कॉलेजों में 1200 से ज्यादा टीचरों की होगी भर्ती, सरकार ने BPSC को भेजा ब्योरा

Nishant Nandan हिन्दुस्तान ब्यूरो, पटना
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विजय चौधरी ने कहा कि तकनीकी शिक्षा के लिए अब बिहार के बच्चे बाहर नहीं जाएंगे। उन्हें राज्य में ही उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध करायी जाएगी। उन्होंने दावा किया कि बिहार की प्रतिभाओं को यहीं बेहतर अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए सरकार हर स्तर पर पहल कर रही है।

बिहार के इन कॉलेजों में 1200 से ज्यादा टीचरों की होगी भर्ती, सरकार ने BPSC को भेजा ब्योरा

बिहार के इंजीनियरिंग कालेजों और पॉलिटेक्निक कालेजों में 1239 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने बुधवार को पत्रकारों के साथ बातचीत में दी। वे सूचना भवन में विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की उपलब्धियों की जानकारी दे रहे थे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इंजीनियरिंग कालेजों में 966 शिक्षकों की जबकि पॉलिटेक्निक कालेजों में 273 शिक्षकों की नियुक्ति की अधियाचना बीपीएससी को भेजी गई है।

इन पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाएगी। इसके पहले इंजीनियरिंग कालेजों और पॉलिटेक्निक कालेजों में 723 अनुदेशकों और 1093 प्रयोगशाला सहायकों के पदों पर नियुक्ति के लिए बिहार तकनीकी सेवा आयोग द्वारा विज्ञापन प्रकाशित की जा चुकी है। आगे भी जरूरत के अनुसार नियुक्तियां की जाएंगी।

तकनीकी शिक्षा के लिए बिहार में उपयुक्त माहौल

विजय चौधरी ने कहा कि तकनीकी शिक्षा के लिए अब बिहार के बच्चे बाहर नहीं जाएंगे। उन्हें राज्य में ही उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध करायी जाएगी। उन्होंने दावा किया कि बिहार की प्रतिभाओं को यहीं बेहतर अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए सरकार हर स्तर पर पहल कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के विकास में विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की अहम भूमिका है। सात निश्चय एक और दो ने सूबे में तकनीकी शिक्षा को नयी उंचाई दी है। राज्य के कई इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कालेज सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में काम कर रहे हैं।

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना पर बड़ा फैसला

इधर बिहार में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 13 शिक्षण संस्थानों के नये आवेदनों के भुगतान पर रोक लगा दी गयी है। संबंधित संस्थानों के नये आवेदनों के भुगतान पर रोक लगाने का आदेश बुधवार को बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के नोडल पदाधिकारी विनायक मिश्र ने बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को दिया है।

आदेश में कहा गया है कि विभिन्न स्रोतों से प्राप्त प्रतिकूल टिप्पणी, जिसमें मुख्यत: 2025-26 में निर्धारित सीट आवंटन से अधिक बोनाफाईड जारी करने एवं संस्थानों द्वारा स्पष्ट उत्तर नहीं मिलने की स्थिति में नामांकन प्रक्रिया संदेहास्पद प्रतीत हो रही है। निर्णय लिया गया कि जिनके द्वारा अत्यधिक बोनाफाईड जारी किया गया व पोर्टल पर आवेदनों की अस्वीकृति करआधार फ्री नहीं किया गया। इसलिए नये आवेदनों के भुगतान पर रोक लगायी जाती है।

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लेखक के बारे में

Nishant Nandan
एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
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