
वो दूसरा राकेश है, आइसक्रीम बेचता था; शिल्पी-गौतम केस से नाम जोड़ने पर बोले सम्राट चौधरी
जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर द्वारा पटना के शिल्पी-गौतम केस से नाम जोड़ने पर भारतीय जनता पार्टी के नेता और उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि वो हाजीपुर का कोई और राकेश था जो आइसक्रीम बेचता था।
पटना के बहुचर्चित शिल्पी-गौतम केस से अपना नाम जोड़ने पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि वो राकेश नाम का कोई दूसरा आदमी था जो हाजीपुर का रहने वाला था और आइसक्रीम बेचा करता था। सम्राट का एक नाम पहले राकेश कुमार भी रहा है। जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के नेता प्रशांत किशोर ने सोमवार को यह सवाल पूछा था कि 1999 में शिल्पी जैन और गौतम सिंह की पटना में विवादित मौत के केस में सम्राट चौधरी क्या संदिग्ध अभियुक्त रहे हैं और क्या उनका सैंपल जांच के लिए लिया गया था या नहीं।
राबड़ी देवी के मुख्यमंत्री कार्यकाल में 1999 में पटना के एक फ्लैट के गैराज में कार में शिल्पी जैन और गौतम सिंह का लगभग नग्न शव मिला था। तब भाजपा के नेता सुशील कुमार मोदी ने इस मामले को राबड़ी के भाई साधु यादव से जोड़ते हुए बड़ा मुद्दा बना दिया था। पुलिस ने केस को सुसाइड और बाद में सीबीआई ने जांच के बाद भी इसे सुसाइड बताकर क्लोज कर दिया। शिल्पी जैन पटना के एक कपड़ा व्यापारी की बेटी थीं। गौतम सिंह युवा राजद से जुड़ा था और डॉक्टर बीएन सिंह का बेटा था।
प्रशांत किशोर ने सम्राट चौधरी का नाम शिल्पी-गौतम केस से जोड़ा, 1999 में मौत से हिल गया था बिहार
सम्राट चौधरी ने सोमवार की शाम पटना में दुर्गा पूजा पंडाल में पूजा-पाठ के बाद कहा- “एक आइसक्रीम बेचने वाले का नाम था राकेश। वो आइसक्रीम बेचता था बेचारा। वो है रहने वाला हाजीपुर का। अब इसको (प्रशांत किशोर) कहां-कहां से बुद्धि दे रहा है। शिल्पी-गौतम कांड में पूरी तरह जांच सीबीआई ने की। हमलोगों को तो पता भी नहीं है। जिस राकेश की बात वो करते हैं, वो तो हाजीपुर का रहने वाला है। ये लोग को कुछ पता नहीं है बिहार के बारे में। बिहार का रहने वाला है। पूरा देश को लूटकर आया है।”





